गुजरात शिक्षा, तकनीकी और व्यापार के क्षेत्र में अग्रणी : प्रो सत्यकाम

 




--गुजरात के गरबा और डांडिया लोकनृत्य से झूमा मुक्त विश्वविद्यालय

--चार दिवसीय गुजरात स्थापना दिवस समारोह का समापन

प्रयागराज, 02 मई (हि.स)। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में गुजरात राज्य स्थापना दिवस समारोह के चार दिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर शनिवार को विश्वविद्यालय में शिल्प मेला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अटल प्रेक्षागृह में शिल्प मेला का उद्घाटन आर ए एफ के कमांडेंट मनीष कुमार भारती एवं कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने किया।

कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि गुजरात की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि रही है। इसके साथ ही गुजरात शिक्षा, तकनीकी और व्यापार के क्षेत्र में अग्रणी है। गुजरात प्रदेश से हमें बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 12 क्षेत्रीय केन्द्रों में गुजरात राज्य स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया।

इस अवसर पर 30 से अधिक स्टाल लगाए गए। जिनमें हस्तनिर्मित शिल्प, फुटवियर, साड़ी, आभूषण, खाद्य सामग्री, ऑर्गेनिक साबुन, इत्र, पूजा सामग्री, अगरबत्ती, मेहंदी, सूट, हस्त निर्मित सौंदर्य प्रसाधन के स्टॉल प्रमुख रहे। जिनमें जमकर खरीददारी कर विक्रेताओं का उत्साहवर्धन किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत सोनाली चक्रवर्ती एवं उनकी टीम द्वारा गुजरात के प्रसिद्ध लोक नृत्य गरबा एवं डांडिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति की गई। गरबा नृत्य में शामिल सभी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि कल्पना सहाय, पूर्व कार्यक्रम अधिकारी, उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज एवं कुलपति ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर समाजसेवा और मातृशक्ति के सम्मान स्वरूप 10 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिल्प मेला में उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन करने वाले पराग द्विवेदी, गरिमा राय सहित कुल 30 स्टाल धारकों को सम्मानित किया गया। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने मेले में बेहतरीन फूड स्टॉल लगाकर सहयोग देने वाले रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को प्रमाण पत्र देकर कमांडेंट के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुक्त विवि के मीडिया प्रभारी डॉ प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि इससे पूर्व विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांव गोहरी में स्वच्छता कार्यक्रम एवं कस्तूरबा विद्यालय का भ्रमण तथा गंगा परिसर से पदयात्रा, साइकिल यात्रा एवं मंदिर भ्रमण किया गया। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर मीरा पाल ने किया। डॉ तूबा फातिमा ने संचालन तथा प्रोफेसर आनंदानंद त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र