लखनऊ विश्वविद्यालय के दोषी शिक्षक को बर्खास्त कर गिरफ्तारी करायें कुलपति : अभाविप

 


लखनऊ, 15 मई (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) लखनऊ विश्वविद्यालय के विज्ञान विभाग की छात्रा के साथ जंतु विज्ञान में कार्यरत सहायक आचार्य परमजीत सिंह द्वारा कॉल पर की गई अमर्यादित, भद्दी और शिक्षक की गरिमा को कलंकित करने वाली बातचीत की कड़े शब्दों में निंदा की है। अभाविप ने ऐसी कुत्सित मानसिकता रखने वाले शिक्षक परमजीत सिंह को अविलंब बर्खास्त करते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

अभाविप लखनऊ विश्वविद्यालय इकाई के इकाई अध्यक्ष जय श्रीवास्तव ने कहा कि, एक प्रतिष्ठित संस्थान में गुरु और शिष्य की पवित्र परंपरा को इस तरह तार-तार करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अक्षम्य है। अभाविप पीड़ित छात्रा को न्याय दिलाने के लिए पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी है। हम विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ पुलिस प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि परीक्षा की शुचिता को भंग करने वाले दोषी शिक्षक पर उत्तर प्रदेश के कानून के तहत संबंधित धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए। यदि प्रशासन ने जल्द ही दोषी पर कठोरतम कार्रवाई नहीं की, तो विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

विदित हो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक ऑडियो रिकॉर्डिंग ने इस शर्मनाक मामले को उजागर किया है, जिसमें उक्त सहायक आचार्य द्वारा न केवल छात्रा से अभद्र बातें की जा रही हैं, बल्कि उसे अपने केबिन में बुलाने का दबाव बनाने के साथ-साथ परीक्षा का पेपर लीक करवाने का भी दावा किया जा रहा है। इस घिनौने कृत्य के कारण पीड़ित छात्रा इस पूरे प्रकरण से मानसिक रूप से अत्यंत प्रताड़ित है एवं अपने ही परिसर में असुरक्षित महसूस कर रही है, जो कि किसी भी संवेदनशील संस्थान के लिए अत्यंत चिंताजनक विषय है।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन