बांदा की 90 ग्राम पंचायतों में हुआ ग्रीन चौपालों का आयोजन

 


बांदा, 22 फ़रवरी (हि.स.)। जिले में अब तक लगभग 90 ग्राम पंचायतों में ग्रीन चौपाल का आयोजन किया जा चुका है। इसके जरिए ग्राम पंचायतों को किस तरह से ईको फ्रेंडली बनाया जाए, जिसको लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

प्रभागीय वन अधिकारी अरविंद कुमार ने रविवार को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रीन चौपाल की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने के लिए की गई है। इसका उद्देश्य राज्य में हरित क्षेत्र को 2030 तक बढाकर 15 प्रतिशत करना है। यह चौपाल प्रत्येक महीने के तीसरे शुक्रवार को आयोजित की जाती हैं और जिले में अब तक लगभग 90 ग्राम पंचायतों में इनका आयोजन किया जा चुका है।

इन ग्रीन चौपालों के नोडल अधिकारी जिला पंचायती राज अधिकारी होते है। इसके अलावा वन विभाग को भी इसमें शामिल किया गया है। चौपाल के माध्यम से जल संचयन, जैविक खेती, सौर ऊर्जा के उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है। चौपाल के माध्यम से वन विभाग की योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी जाती है।

इस चौपाल के माध्यम से गांव को किस तरह से ईको फ्रेंडली बनाना है, जिसको लेकर लोगों के बीच में चर्चा की जाती है। इन्होंने बताया कि जुलाई के महीने में वृक्षारोपण का कार्य किया जाता है। इसको लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि आने वाले समय में किस तरह से वृक्षारोपण कर अपने गांव को हरा भरा बनाना है।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह