चरण पादुका गीत खंड व ‘पियोम गीत अमृत’ का भव्य लोकार्पण

 








गोरखपुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के वातानुकूलित सभागार में साहित्य, कविता और संस्कृति की त्रिवेणी देखने को मिली। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब एवं स्वर्गीय शन्नो श्रीवास्तव स्मृति संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित साहित्यिक एवं काव्य समारोह में डॉ. प्रियंका दुबे प्रबोधिनी द्वारा लिखित ‘चरण पादुका गीत खंड व पियोम गीत अमृत’ का भव्य लोकार्पण किया गया। दोनों पुस्तकों का लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद सभी कवियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार, साहित्यप्रेमी, कवि और श्रोता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि सभागार देर तक तालियों और वाहवाही से गूंजता रहा।

कार्यक्रम में कवि डॉ. सुभाष यादव, नागेश शांडिल्य (बनारस), डॉ. सत्यमवदा शर्मा, डॉ. चेतना पांडेय, गुनगुन गुंजन, कृष्णा श्रीवास्तव और प्रदीप मिश्रा ने अपनी-अपनी काव्य रचनाओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ. अमित श्रीवास्तव तथा कार्यक्रम के संयोजक आचार्य मुकेश श्रीवास्तव की मौजूदगी में सभी कवियों ने मिलकर डॉ. प्रियंका दुबे प्रबोधिनी की दोनों कृतियों ‘चरण पादुका गीत खंड’ और ‘पियोम गीत अमृत’ का लोकार्पण किया। साहित्यिक आयोजन में रचनाओं के माध्यम से भक्ति, संवेदना, सामाजिक सरोकार और मानवीय भावनाओं की विविध छवियां देखने को मिलीं।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. मंजरी पांडेय का विशेष रूप से अभिनंदन किया गया। उन्हें सम्मानस्वरूप अभिनंदन पत्र पूर्व उपाध्यक्ष अजीत यादव और कुंदन उपाध्याय वागीश श्रीवास्तव आचार्य मुकेश श्रीवास्तव द्वारा भेंट किया गया। आयोजकों ने साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में साहित्यिक चेतना को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का काम करते हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ गुनगुन गुंजन द्वारा माँ सरस्वती की वंदना से किया गया। वंदना की प्रस्तुति के साथ ही सभागार का वातावरण आध्यात्मिक और साहित्यिक भाव से भर उठा। इसके बाद कवि सम्मेलन की शुरुआत हुई। कवि सम्मेलन का संचालन बनारस से आए प्रसिद्ध कवि नागेश शांडिल्य ने अपने प्रभावी अंदाज में किया। उन्होंने अपनी संचालन शैली और काव्यात्मक अभिव्यक्ति से कार्यक्रम को लगातार गति प्रदान की। उनके संचालन के बीच एक के बाद एक कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं और श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।

डॉ. सुभाष यादव ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को साहित्य की विभिन्न भावधाराओं से परिचित कराया। वहीं नागेश शांडिल्य ने अपनी काव्य प्रस्तुति और संचालन के बीच श्रोताओं से सीधा संवाद स्थापित किया। डॉ. सत्यमवदा शर्मा और डॉ. चेतना पांडेय की रचनाओं में संवेदना और भावनाओं की गहराई दिखाई दी। गुनगुन गुंजन ने अपनी प्रभावी प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया। कृष्णा श्रीवास्तव और प्रदीप मिश्रा ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से कार्यक्रम में साहित्यिक रंग भर दिया।

कवि सम्मेलन के दौरान सुधीर श्रीवास्तव ने भी अपनी रचना प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुति को भी श्रोताओं ने सराहा। सभागार में मौजूद पत्रकारों और साहित्यप्रेमियों ने कवियों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और कई मौकों पर तालियों की गड़गड़ाहट से कवियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में हास्य, व्यंग्य, संवेदना, भक्ति और सामाजिक सरोकार से जुड़ी काव्य प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा।

इस अवसर पर गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की कार्यकारिणी की ओर से आए हुए कवियों और अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया। उपाध्यक्ष धनेश निषाद, संयुक्त मंत्री महेंद्र गौड़, कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, पुस्तकालय मंत्री संजय कुमार तथा कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनोज कुमार मिश्रा और अजीत सिंह ने अतिथियों एवं कवियों का स्वागत किया। पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकारिता के साथ साहित्य और संस्कृति को मंच देना प्रेस क्लब की सामाजिक एवं रचनात्मक जिम्मेदारी का भी हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से पत्रकारों के साथ साहित्यप्रेमियों और आम श्रोताओं को भी एक सार्थक मंच मिलता है।

पुस्तक ‘चरण पादुका गीत खंड’ और ‘पियोम गीत अमृत’ का लोकार्पण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। दोनों कृतियों को सभी कवियों ने एक साथ मंच पर लोकार्पित किया। इस दौरान साहित्यकारों और उपस्थित लोगों ने लेखिका डॉ. प्रियंका दुबे प्रबोधिनी के साहित्यिक प्रयास की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होने के साथ ही संवेदनाओं को जीवित रखने का माध्यम है। साहित्यिक कृतियां मनुष्य को अपनी जड़ों, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ती हैं।

कार्यक्रम में गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने सभी अतिथियों, कवियों, साहित्यकारों, पत्रकारों और श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में जिस तरह से लोगों ने उत्साह के साथ सहभागिता की, वह साहित्य और कविता के प्रति समाज में बनी रुचि को दर्शाता है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का भी धन्यवाद किया।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय