कुल आबादी के मात्र 1.35 प्रतिशत पेंशनर्स पर खर्च बोझ नहीं : डॉ आरएस वर्मा

 


--गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की हुई बैठक

प्रयागराज, 13 जून (हि.स)। विगत 17 दिसम्बर को पेंशनर्स दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेंशनर्स द्वारा उठाई गई स्थानीय समस्याओं पर समुचित कार्यवाही न होने और ज्यादातर मामलों में मात्र सरसरी कार्यवाही करने पर पेंशनर्स द्वारा असंतोष व्यक्त किया गया। जिलाधिकारी से समस्याओं के निस्तारण कराए जाने हेतु पुनः निर्णय लिया गया।

बैठक में अध्यक्ष डॉ आरएस वर्मा ने कहा कि वेतन या पेंशन संशोधन को सरकार को बोझ नहीं समझना चाहिए। यह खर्च नहीं बल्कि मानव पूंजी में निवेश होता है जो महंगाई के कारण आवश्यक होता है। पेंशन दया नहीं बल्कि, पेंशनर का संवैधानिक और सामाजिक कल्याण का अधिकार होती है। जिसे वह अपने सेवा काल मे अर्जित करता है। इसके अतिरिक्त कुल आबादी का केवल 1.35 प्रतिशत के लगभग ही पेंशनर्स हैं और शासन को 2014-15 से 2025-26 के मध्य टैक्स राजस्व से होने वाली आय में 205.41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

अध्यक्ष ने कहा कि भारत अब दुनिया की दसवीं अर्थ व्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था बन गया है। अतः निर्णय लिया गया कि पेंशनर्स की मूल समस्याओं जैसे हर 5 वर्ष में 5 प्रतिशत पेंशन वृद्धि या प्रत्येक वर्ष 1 प्रतिशत वृद्धि दिए जाने; वित्त अधिनियम 2025 को वापस लिए जाने या संशोधित करते हुए 8वें वेतन आयोग द्वारा वर्तमान पेंशनर्स की पेंशन, भविष्य के पेंशनर्स के बराबर सुनिश्चित किये जाने; सेवानिवृति के समय नकदीकरण के लाभ की सीमा को 300 दिन से बढ़ाकर 600 दिन किये जाने, अक्रांयड फारमूले और मूल्य वृद्धि को दृष्टिगत करते हुए फिटमेंट फैक्टर 3.833 निर्धारित करने, पुरानी पेंशन पुनः लागू करने या पुरानी पेंशन, एनपीएस या यूपीएस में से कोई एक विकल्प चुनने का अधिकार कर्मचारी को दिए जाने, राशिकरण की कटौती 15 वर्ष के बजाए 11 वर्ष तक ही किये जाने आदि की मांग 22 और 23 जून को लखनऊ में होने वाली आठवें वेतन आयोग की बैठक में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से रखी जायेगी।

बैठक में रिटायरमेंट इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से अति वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ कपिल कुलश्रेष्ठ एव उनकी टीम द्वारा अर्थाराइटिस, जोड़ो में होने वाले दर्द से बचाव और घुटने और जोड़ों के रोबोटिक प्रत्यारोपण के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही फिजियोथेरेपी के बारे में भी पेंशनर्स को परामर्श दिया गया। इसके साथ ही जुलाई में पेंशनर्स द्वारा सामूहिक वृक्षारोपण करने की योजना पर भी विचार किया गया। इस अवसर पर जून में जन्मे सदस्यों को सम्मानित किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से डॉ सुधा प्रकाश, धर्म पाल सिंह, राजेश यादव, उमा कौशिक, प्रेमा राय, इंदरजीत को सम्मानित किया गया। साथ ही शीतला प्रसाद सदस्य कार्यकारिणी को शिकायत प्रभारी बनाया गया जो विभिन्न कार्यालयो में संपर्क कर समुचित निस्तारण हेतु आवश्यक प्रयास करेंगे।

बैठक में प्रमुख रूप से रिटायरमेंट इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक राज गुलाटी, पूर्व मंडलायुक्त इलाहाबाद बी के सिंह, डॉ पी के सिन्हा, डॉ सुधा प्रकाश, डॉ वी के श्रीवास्तव, सर्वेश कुमार मिश्रा, भगवती प्रसाद, आर डी कुशवाहा, मनमोहन सिंह, साधू शरण उपाध्याय, प्रीता बाजपेई, जयश्री श्रीवास्तव, डॉ गीता सिंह, उमा कौशिक, डॉ परशुराम मौर्या, राजेश यादव, किरण बाला पांडे, सुशील श्रीवास्तव, योगेन्द्र पांडे, अरविंद जायसवाल, एम एच चौधरी, वेद प्रकाश आदि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र