(संशोधित) प्रो. गोविंद पांडेय राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की विद्वत् परिषद में नामित

 


- एमएमएमयूटी गोरखपुर के प्रो. पांडेय को भारत सरकार ने दी बड़ी जिम्मेदारी, नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन की अकादमिक काउंसिल में चयन

लखनऊ, 11 जुलाई (हि.स.)। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए प्रख्यात पर्यावरणविद् प्रो. गोविन्द पाण्डेय को भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मंत्रालय द्वारा नौ जुलाई को जारी आदेश के अनुसार प्रो. पाण्डेय को राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत गठित सात सदस्यीय विद्वत् परिषद (अकादमिक काउंसिल) का सदस्य नामित किया गया है।

क्या है समिति का काम

राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद् के निदेशक की अध्यक्षता वाली इस परिषद में सतारा के डॉ. सुभाष देशमुख, पुणे के डॉ. दादासाहेब जे. शेंडगे, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के प्रतिनिधि और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के महाप्रबंधक भी सदस्य हैं। कौशल विकास मंत्रालय के उप निदेशक को सदस्य सचिव बनाया गया है।

विद्वत् परिषद का मुख्य कार्य राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप योग्यता पैक / क्वॉलिफिकेशन पैक्स की समीक्षा, गुणवत्ता मानक तय करना, अंतराल की पहचान कर सुधार सुझाना और मूल्य निर्धारण का एकसमान ढांचा विकसित करना है। परिषद को समय-समय पर अपनी संस्तुतियां कौशल विकास मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को भी देनी होंगी।

38 साल का गौरवशाली कार्यकाल

आईआईटी रुड़की से पर्यावरण अभियांत्रिकी में पीएचडी कर चुके प्रो. पाण्डेय ने 38 वर्षों तक एमएमएमयूटी में शिक्षण, शोध और परामर्श कार्य किया। आमी, राप्ती, घाघरा, गोमती, गंगा और रामगढ़ ताल की जल गुणवत्ता पर उनके शोध बहुचर्चित हैं। गीडा में साझा उत्प्रवाह शोधन संयंत्र, गोरखपुर की स्वच्छ वायु कार्य योजना, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सिटी हीट वेव एक्शन प्लान में भी उनका अहम योगदान रहा।

पेट्रोल-डीजल वाहनों के प्रदूषण पर उनके शोध को अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स और रॉयल सोसाइटी जैसी अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं ने प्रकाशित किया। सड़क परिवहन मंत्रालय ने भी उनसे सुझाव लिए थे।

पहले भी मिलीं कई जिम्मेदारियां

इस वर्ष की शुरुआत में शिक्षा मंत्रालय ने उन्हें एनआईटी कालीकट की प्रशासकीय परिषद में नामित किया था। वे राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज गोण्डा के निदेशक, एकेटीयू की कार्य परिषद, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बांदा की परिषद और एनईपी-2020 की स्टीयरिंग समिति में भी रह चुके हैं।

प्रो. पांडेय के इस नामांकन पर एमएमएमयूटी परिवार और गणमान्य नागरिकों ने शनिवार को उन्हें बधाई दी है।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा