गरीब परिवारों की बेटियों की शादी का खर्च उठाएगी सरकार, कानपुर में 1534 जाेड़े विवाह का लक्ष्य
कानपुर, 22 मई (हि.स.)। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में अब पैसों की कमी बाधा नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार गरीब परिवारों की बेटियों की शादी का पूरा खर्च उठा रही है। कानपुर नगर में इस योजना के तहत बड़े स्तर पर सामूहिक विवाह समारोह की तैयारी शुरू हो गई है। पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह बातें शुक्रवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहीं।
आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में योजना की तैयारियों, आवेदन प्रक्रिया, सत्यापन और आयोजन व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सामूहिक विवाह समारोह गरिमापूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाए तथा पात्र परिवारों को समय से लाभ मिले।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद को 1534 विवाहों का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष अब तक 542 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें 509 ग्रामीण और 33 शहरी क्षेत्र से हैं। अधिकारियों को आवेदन पत्रों का समयबद्ध सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
योजना के तहत प्रति जोड़ा एक लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 60 हजार रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। इसके अलावा 25 हजार रुपये की गृहस्थी सामग्री और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की व्यवस्था पर खर्च किए जाएंगे। योजना के अंतर्गत नवविवाहित जोड़ों को साड़ी, कपड़े, चांदी की पायल-बिछिया, डिनर सेट, कुकर, कढ़ाही, ट्रॉली बैग, वैनिटी किट, सीलिंग फैन, आयरन प्रेस, कंबल, गद्दा और बेडशीट सहित अन्य सामान दिया जाएगा।
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं है। कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। निराश्रित, निर्धन, विधवा, परित्यक्ता और दिव्यांग परिवारों को योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।
योजना के लिए आवेदन https://cmsvy.upsdc.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन किए जा सकते हैं। आवेदन के साथ आय, जाति, निवास, आयु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और आधार लिंक मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा।
बैठक में सीडीओ अभिनव जे जैन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह, समाज कल्याण अधिकारी बीरपाल समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी खंड विकास अधिकारी और नगर निकायों के ईओ वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप