शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध:राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव
जौनपुर,08 जुलाई (हि.स.)।यूपी के जौनपुर में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ बुधवार को वाराणसी से किया गया। इसका जौनपुर के कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में सजीव प्रसारण देखा गया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को 5 लाख रुपए तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की योजना का शुभारंभ हुआ। साथ ही विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रति छात्र 1,200 रुपए की धनराशि भी अंतरित की गई।जौनपुर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, डॉ. अजय सिंह तथा जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. ने दीप प्रज्ज्वलित एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और पौधा भेंटकर किया गया।इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने बेसिक शिक्षा विभाग के 10 शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, स्पेशल एजुकेटरों और रसोइयों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए। माध्यमिक शिक्षा विभाग के पांच शिक्षकों को भी योजना के कार्ड प्रदान किए गए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और शिक्षा विभाग से जुड़े सभी कार्मिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों एवं उनके परिवारों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में बेहतर और समयबद्ध इलाज सुनिश्चित होगा तथा आर्थिक बोझ भी कम होगा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना केवल स्वास्थ्य सुविधा नहीं, बल्कि गुरुजनों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का सशक्त माध्यम है। समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए उनके स्वास्थ्य और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों का सम्मान भी किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव