घोष की मधुर स्वर-लहरियों के बीच गोवर्धन परिक्रमा के साथ संपन्न हुआ आरएसएस के शताब्दी वर्ष का समापन
मथुरा, 25 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर रविवार को ब्रज प्रांत के स्वयंसेवकों ने गोवर्धन में भव्य और अनुशासित घोष यात्रा निकाली। दानघाटी से शुरू हुई यह परिक्रमा विभिन्न वाद्य यंत्रों की मधुर स्वर-लहरियों के साथ गिरिराज महाराज के श्रीचरणों में नमन करते हुए संपन्न हुई। कार्यक्रम में 350 से अधिक स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया।
परिक्रमा के समापन पर ब्रज प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र ने कहा कि स्वयंसेवक विषम परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और अनुशासन के साथ मार्ग बनाते हैं। वाद्य यंत्रों के साथ निरंतर घोष वादन करते हुए परिक्रमा पूर्ण करना शारीरिक और मानसिक दृढ़ता की बड़ी परीक्षा है। विभाग प्रचार प्रमुख डॉ. कमल कौशिक ने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष संघर्ष, साधना और राष्ट्रसेवा का साक्षी रहा है, जिसका उद्देश्य समाज में राष्ट्रभाव और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है। इस दौरान क्षेत्र शारीरिक शिक्षण प्रमुख नरेश विकल, प्रान्त प्रचारक धर्मेंद्र, सह प्रान्त प्रचारक विनोद, घोष प्रमुख ललित, प्रान्त शारीरिक सह प्रमुख एवं प्रचारक रामशंकर, विभाग कार्यवाह डॉ. संजय, विभाग प्रचार प्रमुख डॉ. कमल कौशिक, शारीरिक प्रमुख शिवकुमार, जिला प्रचार प्रमुख हीरालाल, सह प्रचार प्रमुख पवन कुंतल, श्याम बाबू कौशिक, चंद्रपाल सिंह, राजू यादव, ज्ञानेंद्र राणा, श्याम उपाध्याय, भानु शर्मा, भूरा पहलवान, राजेश पचौरी सहित 350 से अधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे। घोष की मधुर स्वर-लहरियों, सामूहिक अनुशासन और गिरिराज महाराज के प्रति श्रद्धा के साथ सम्पन्न इस आयोजन ने शताब्दी वर्ष की गतिविधियों को स्मरणीय स्वरूप प्रदान किया। स्वयंसेवकों ने समाजसेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के कार्यों को आगे भी निरंतर गति देने का संकल्प व्यक्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार