हाई पावर्ड कमेटी के नए नियमों के खिलाफ गोस्वामियों ने बांकेबिहारी मंदिर के गेट पर किया विरोध प्रदर्शन

 


मथुरा, 28 मार्च (हि.स.)। वृंदावन विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में व्यवस्थाओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। हाई पावर्ड कमेटी द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों के विरोध में शनिवार को गोस्वामी समाज की महिलाओं ने मंदिर के गेट नंबर 1 के बाहर चबूतरे पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कमेटी पर तानाशाही और ठाकुर जी की सेवा परंपराओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप एक बार फिर लगाया है।

प्रदर्शनकारी नीलम गोस्वामी ने बताया कि बीते 17 फरवरी को हाई पावर्ड कमेटी के साथ हुई बैठक में गोस्वामी समाज ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से रखा था। उस समय कमेटी ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कमेटी हर दिन नए नियम थोप रही है, जिससे सेवायतों और ठाकुर जी दोनों को असुविधा हो रही है। नीलम गोस्वामी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कमेटी के अध्यक्ष खुद को सेवक बताते हैं, वे फैसला सुना रहे हैं कि ठाकुर जी को कब दंड दिया जाएगा और गोस्वामियों को कब। दर्शन का समय बढ़ाना ठाकुर जी को शारीरिक कष्ट देने जैसा है। कमेटी का ध्यान केवल पैसा कमाने और लाइव स्ट्रीमिंग जैसे प्रयोगों पर है, जिससे भीड़ का दबाव रत्ती भर भी कम नहीं हुआ।

वहीं अंजलि गोस्वामी ने कहा कि कमेटी कह रही है कि यदि मंदिर खुलने का समय नहीं बढ़ाया गया तो अर्थदंड (जुर्माना) लगाया जाएगा। हम कोई अपराधी नहीं हैं। हमें और हमारे शिष्यों को सुगम दर्शन के लिए कोई प्रावधान नहीं दिया जा रहा, बल्कि रोज नए फरमान जारी हो रहे हैं। ठाकुर जी अपनी दिनचर्या क्यों बदलें, अगर कमेटी ने अपनी मनमानी बंद नहीं की, तो हम धरना और प्रदर्शन को मजबूर होंगे। प्रदर्शनकारी महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि मंदिर की प्राचीन परंपराओं और सेवा पद्धति में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार