गोरखपुर विश्वविद्यालय वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पारित, शोध एवं नवाचार को मिला विशेष प्रोत्साहन
गोरखपुर, 25 मार्च (हि.स.)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन की अध्यक्षता में आयोजित वित्त समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पारित किया गया। इस वर्ष विश्वविद्यालय का कुल बजट 260 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जिसमें 75 करोड़ रुपये का घाटा दर्शाया गया है।
बैठक में विश्वविद्यालय के विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। विशेष रूप से शोध, नवाचार (Innovation), इनक्यूबेशन (Incubation) एवं स्टार्टअप को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहली बार पृथक बजट प्रावधान किया गया है। उत्कृष्ट शोध कार्यों के प्रोत्साहन के लिए 10 लाख रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही इनोवेशन एवं बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), पेटेंट हेतु 35 लाख रुपये तथा इनक्यूबेशन एवं स्टार्टअप की आगे बढ़ने के लिए 50 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। विश्वविद्यालय शिक्षकों द्वारा फाइल पेटेंट्स के लिए पूरे व्यय का वहन करता है।
विश्वविद्यालय ने विगत दिनों ‘नवोन्मेष: द इनोवेशन एंड स्टार्टअप फाउंडेशन’ की स्थापना की है। इस संस्था की स्थापना नवाचार को प्रोत्साहित करने, स्टार्टअप्स के संवर्धन, उद्यमिता विकास तथा शोध-आधारित व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। यह इन्क्यूबेशन सेंटर विश्वविद्यालय के छात्रों, शोधार्थियों एवं नवप्रवर्तकों को उनके अभिनव विचारों को व्यावहारिक एवं व्यावसायिक रूप देने हेतु एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।
बैठक के बाद कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा कि यह बजट विश्वविद्यालय के समग्र विकास, शोध, नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा। बजट में शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। बैठक में वित्त अधिकारी जयमंगल राव, कुलसचिव धीरेन्द्र श्रीवास्तव, लेखा अधिकारी जय गोविंद सिंह सहित अन्य अधिकारीगण एवं वित्त समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय