रेलवे और रोडवेज स्टेशन पर ऑटो-ई-रिक्शा की होगी यूनिक नंबरिंग, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कैंट पुलिस की पहल वाहन पर दर्ज होगा

 












गोरखपुर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए गोरखपुर की कैंट पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत रेलवे और बस स्टेशन पर संचालित ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन करने के साथ ही उनके वाहनों पर यूनिक कोड नंबर अंकित किया जा रहा है। इस व्यवस्था से यात्रियों का सामान वाहन में छूट जाने की स्थिति में संबंधित ऑटो या ई-रिक्शा की पहचान करना आसान होगा। साथ ही, किसी आपराधिक घटना में वाहन और चालक का पता लगाने में भी पुलिस को मदद मिलेगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया जा रहा है। कैंट निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में रेलवे पुलिस चौकी के प्रभारी रवि प्रकाश कुँवर की ओर से इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।

गोरखपुर रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। यहां से विभिन्न स्थानों के लिए बड़ी संख्या में ऑटो और ई-रिक्शा संचालित होते हैं। यात्रा के दौरान कई बार यात्रियों का बैग, मोबाइल फोन अथवा अन्य सामान जल्दबाजी में वाहनों में छूट जाता है। वाहन की पहचान नहीं होने के कारण सामान वापस पाने में कठिनाई होती है।

वहीं, किसी अप्रिय घटना की स्थिति में भी संबंधित वाहन तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कैंट पुलिस ने वाहनों की पहचान और चालकों के सत्यापन की व्यवस्था शुरू की है।

आर-01, आर-02 जैसे कोड से होगी वाहनों की पहचान

अभियान के तहत ऑटो और ई-रिक्शा पर विशिष्ट कोड नंबर अंकित किए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर आर-01, आर-02 जैसे कोड दिए जा रहे हैं, जिनमें 'आर' का अर्थ रेलवे है। इस कोड के माध्यम से संबंधित वाहन की पहचान की जा सकेगी। यदि किसी यात्री का सामान वाहन में छूट जाता है, तो उपलब्ध कोड के आधार पर पुलिस संबंधित वाहन को ट्रेस करने और यात्री को उसका सामान वापस दिलाने का प्रयास कर सकेगी।

चालकों का भी रखा जाएगा पूरा रिकॉर्ड

कैंट निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यूनिक कोड अंकित करने के साथ ही संबंधित ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन भी किया जा रहा है। इसके लिए चालकों के नाम, पते, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड से संबंधित विवरण रजिस्टर में दर्ज किए जा रहे हैं। इससे वाहन और चालक का रिकॉर्ड पुलिस के पास उपलब्ध रहेगा तथा जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने में आसानी होगी।

कैंट पुलिस की इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने के साथ ही रेलवे स्टेशन एवं रोडवेज बस स्टेशन के आसपास संचालित ऑटो और ई-रिक्शा की पहचान सुनिश्चित करना है।

पुलिस को उम्मीद है कि यूनिक नंबरिंग और सत्यापन की व्यवस्था से यात्रियों का सामान वापस दिलाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तथा आपराधिक घटनाओं की जांच में मदद मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय