हजरत अली की शान, अजमत और सीरत-ए-मुबारका के विभिन्न पहलुओं पर डाली रोशनी

 


मुरादाबाद, 22 जून (हि.स.)। केंद्रीय जमीयत अहले सुन्नत के तत्वावधान में लाल मस्जिद में आयोजित दस दिवसीय जिक्र-ए-शहीदान-ए-कर्बला कार्यक्रम के आठवें दिन सोमवार को हजरत अली की शान, अजमत और सीरत-ए-मुबारका के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डाली गई।

मुफ्ती मोहम्मद दानिश कादरी ने कहा कि हजरत अली की महानता को केवल उनकी वीरता या अहले बैत से संबंध तक सीमित नहीं किया जा सकता। वे इल्म, इंसाफ, कुर्बानी, इबादत और इंसानियत की सेवा जैसे समग्र व्यक्तित्व के धनी थे, जिनकी जिंदगी का हर पहलू आज भी इंसानियत के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है। उन्होंने कहा कि हजरत अली की सीरत युवाओं को इल्म हासिल करने, सच्चाई का साथ देने, कमजोर और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने, हर हालत में इंसाफ को तरजी देने को प्रेरित करता है। कार्यक्रम के अंत में देश की तरक्की, अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और समस्त मानवता की भलाई के लिए विशेष दुआ की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल