सस्टेनेबल कम्प्यूटिंग सम्मेलन में 18 देशों की भागीदारी, शोध और नवाचार पर जोर
कानपुर, 20 अप्रैल (हि.स.)। सस्टेनेबल कम्प्यूटिंग और इंटेलिजेंट सिस्टम्स आज केवल तकनीक नहीं, बल्कि मानव जीवन को सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने का माध्यम हैं। शोध और नवाचार के जरिए वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता स्थापित करना हमारा उद्देश्य है। ऐसे सम्मेलन ज्ञान के आदान-प्रदान को नई दिशा देते हैं। इससे वैज्ञानिक सोच और तकनीकी विकास को गति मिलती है। यह पहल भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सहायक होगी। यह बातें सोमवार को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कही।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘सस्टेनेबल कम्प्यूटिंग एवं बुद्धिमान प्रणालियां’ का शुभारम्भ हुआ। यह सम्मेलन 20 और 21 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें रोमानिया और मेक्सिको के संस्थानों के साथ संयुक्त रूप से आयोजन किया गया है।
सम्मेलन का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन और विभिन्न शैक्षणिक पदाधिकारियों की उपस्थिति रही। सम्मेलन को राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के वित्तीय सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधकर्ता और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।
मुख्य अतिथि प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विज्ञान और सस्टेनेबल तकनीकों का समन्वय भविष्य तय करेगा और यह समाज के विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच वैश्विक सहयोग को मजबूत करते हैं।
रोमानिया की प्रो. वेलेंटीना एमीलिया बालास ने ऑनलाइन संबोधन में सम्मेलन की सराहना की। प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने बताया कि 600 से अधिक शोध पत्र प्राप्त होना सम्मेलन की उपयोगिता को दर्शाता है।
आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में 18 देशों और भारत के 15 से अधिक राज्यों के प्रतिभागी शामिल हुए हैं। इसमें 25 से अधिक प्रमुख वक्ता अपने विचार रखेंगे और 20 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। चयनित शोध पत्रों का प्रकाशन विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन संस्थानों के माध्यम से किया जाएगा।
समापन पर सम्मेलन संयोजक प्रो. रॉबिंस पोरवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी और छात्र उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप