'जेन-जी आंदोलन राजनीतिक रुप से प्रेरित है' विषय पर छात्रों ने रखे अपने विचार

 


कानपुर, 20 अगस्त (हि.स.)। जेन-ज़ी आंदोलन जैसे समसामयिक विषयों पर युवाओं को तथ्यों और तर्कों के आधार पर अपनी बात रखने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। ऐसे विमर्श विद्यार्थियों में राजनीतिक समझ के साथ लोकतांत्रिक सोच और आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं। यह बातें गुरुवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के राजनीतिक विज्ञान अनुशासन की ओर से आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय विकास परिषद के निदेशक डॉ. आर. के. द्विवेदी ने कहीं।

विश्वविद्यालय में “जेन-ज़ी आंदोलन राजनीतिक रूप से प्रेरित है” विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विषय के पक्ष और विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को समसामयिक राजनीतिक विषयों पर तर्कपूर्ण और प्रभावी ढंग से विचार रखने का अवसर देना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। इस अवसर पर निदेशक डॉ. अमित कुमार, अतिथि-विशेष प्रो. डी. सी. श्रीवास्तव और अन्य शिक्षक मौजूद रहे। सहायक आचार्य अंजिता ने स्वागत उद्बोधन दिया।

प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के रूप में क्राइस्ट चर्च कॉलेज की विभाग प्रमुख प्रो. विभा दीक्षित और पीपीएन कॉलेज के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुज मिश्रा शामिल रहे। उन्होंने प्रतिभागियों का मूल्यांकन तर्क, विषय की समझ, प्रस्तुतीकरण, भाषा-शैली और आत्मविश्वास के आधार पर किया।

प्रतियोगिता में 16 विद्यार्थियों ने पक्ष और विपक्ष में अपने विचार रखे। प्रतिभागियों ने विभिन्न तथ्यों, तर्कों और समकालीन उदाहरणों के माध्यम से जेन-ज़ी आंदोलन के राजनीतिक एवं सामाजिक पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और उत्साह का माहौल रहा।

परिणाम में पक्ष में सर्वश्रेष्ठ वक्ता एवं सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता का पुरस्कार अर्शिका मिश्रा को मिला। विपक्ष में सर्वश्रेष्ठ वक्ता शौर्य मिश्रा रहे। पक्ष की उपविजेता प्रभात सिंह और विपक्ष की उपविजेता श्रिया चटर्जी रहीं। सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता की उपविजेता कौशिकी रहीं। विजेताओं और प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए गए।

राजनीतिक विज्ञान अनुशासन के वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. आशुतोष सक्सेना के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता की व्यवस्थाएं पूरी की गईं। कार्यक्रम का संचालन कृष्णा और कृतिका ने किया। समापन पर सहायक आचार्य कोमल अवस्थी ने आभार व्यक्त किया। आयोजन में शिक्षकगण, आयोजन समिति, तकनीकी टीम और विद्यार्थियों का सहयोग रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप