गायत्री साधना का मूल उद्देश्य आत्मिक शुद्धि : रमेश कुमार
मुरादाबाद, 01 अप्रैल (हि.स.)। गायत्री परिवार मुरादाबाद द्वारा बुधवार को पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ लाइनपार स्थित राज मंडप में सम्पंन हुआ। आयोजन में देव स्थापना, वृक्षारोपण और आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी, गौ संरक्षण एवं युवा जागरण कार्यशाला आयोजन हेतु उपस्थित परिजनों को प्रेरित किया गया। जन्म शताब्दी साहित्य का निशुल्क वितरण किया गया। यज्ञ संचालक रमेश कुमार ने एक सुर में कहा कि गायत्री साधना का मूल उद्देश्य आत्मिक शुद्धि है।
रमेश कुमार ने आगे बताया कि गायत्री महामंत्र भारतीय संस्कृति का नवनीत है, इसमें निहित विशेषताओं के कारण ही मां गायत्री को वेद माता कहा गया है। गायत्री साधना का मूल उद्देश्य आत्मिक शुद्धि है जिसके माध्यम से मनुष्य अपने भीतर की नकारात्मकता को रूपांतरित करता है और सकारात्मक की ओर अग्रसर होता है।
यज्ञ में गायत्री महामंत्र महामृत्युंजय मंत्र एवं दुर्गा सप्तशती के मंत्रों से वैश्विक शांति हेतु आहुतियां प्रदान किया गया। यज्ञ का संचालन रमेश कुमार वर्मा एवं लाल बहादुर शास्त्री द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
यज्ञ में मुख्य रूप से महावीर प्रसाद अग्रवाल, प्रेमलता सक्सेना, आईपी सिंह, अरुण कुमार अग्रवाल, मुरारी लाल पाल, सरदार सिंह राजपूत, दिनेश कुमार शर्मा, विनय कुमार जौहरी, सुधा त्रिपाठी, महावीर प्रसाद सैनी, राम रतन गुप्ता, नरेंद्र सिंह चौहान, सुरेंद्र कुमार शर्मा, शरद भटनागर आदि उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल