ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्मारक हमारी धरोहर : जयवीर सिंह
लखनऊ, 20 अगस्त (हि.स.)। उ0प्र0 राज्य पुरातत्व निदेशालय के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट प्राविधान के अंतर्गत राज्य संरक्षित स्मारकों पर वृहद अनुरक्षण कार्य कराये जाने हेतु 15 करोड़ 05 लाख 31 हजार रूपये की धनराशि प्रस्तावित की गयी है। इस धनराशि से सिविल कार्य हेतु उ0प्र0 आवास विकास परिषद को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। ये संरक्षित स्मारक जनपद झांसी, लखनऊ, शामली, फिरोजाबाद, ललितपुर में स्थित हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार काे बताया कि राज्य संरक्षित स्मारकों पर वृहद अनुरक्षण कार्य के अंतर्गत ठाकुरद्वारा की गढ़ी झांसी स्थित स्मारक की सिविल कार्य हेतु 498.96 लाख रूपये की लागत से स्मारक पर वनस्पति उन्मूलन का कार्य, दीवारों, छत एवं छज्जों में लगे स्टोन की केमिकल क्लीनिंग का कार्य कराया जायेगा। इसी प्रकार दीवारों पर बनी पेटिंग वर्क की केमिकल क्लीनिंग तथा रेस्टोरेसन का कार्य एवं जर्जर दीवारों के प्लास्टर रखरखाव का कार्य कराया जायेगा।
इसके अलावा बड़ा शिवाला श्री सिद्धनाथ मंदिर सैथा, लखनऊ में वनस्पति उन्मूलन, प्लास्टर का रखरखाव तथा प्राचीन गुंबद बन्तीखेड़ा शामली पर भी इसी प्रकार का कार्य कराया जायेगा। इसके अलावा चन्द्रवाड़ का किला फिरोजाबाद स्मारक पर केमिकल क्लीनिंग, दीवारों पर जर्जर ब्रिक स्टोन का कार्य तथा रणछोड़ मंदिर ललितपुर व लक्ष्मणगढ़ मंदिर पर सिविल कार्य कराये जायेगे। इसके अतिरिक्त डिमरौनी की गढ़ी झांसी का भी अनुरक्षण कार्य कराया जायेगा।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि मर्दन सिंह का किला ललितपुर के लिए 145.57 लाख रूपये की लागत से स्मारक पर वनस्पति उन्मूलन, दीवारों, छत एवं छज्जों में लगे स्टोन की केमिकल क्लीनिंग, दीवारों पर बनी पेटिंग वर्क की केमिकल क्लीनिंग तथा दीवारों के जर्जर ब्रिक स्टोन कार्य का रेस्टोरेसन आदि कार्य कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि यह स्मारक धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के हैं। इनकी स्थापत्य कला अनूठी है। यह लम्बे कालखण्ड का इतिहास समेटे हुए हैं। इनको संरक्षित बनाये रखना अतिआवश्यक है, ताकि आगामी पीढ़ी अपनी विरासत को देख सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय