छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए 05 अरब रुपये स्वीकृत

 


लखनऊ, 18 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के छुट्टा गोवंश के रखरखाव हेतु 05 अरब रुपये की धनराशि वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वीकृत की है। प्रथम किश्त के रूप में स्वीकृत धनराशि का व्यय अस्थाई गोवंश आश्रय की स्थापना, संचालन व संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण हेतु किया जायेगा। आवंटित धनराशि का उपयोग अधिकतम 50 रूपये प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से किया जायेगा।

इस संबंध में पशुधन विभाग द्वारा शासनादेश जारी करते हुए निदेशक, प्रशासन विकास पशुपालन विभाग को अस्थाई गोवंश आश्रय के सुचारू संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। शासनादेश में कहा गया है कि धनराशि का आहरण एवं व्यय में यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा कि गो आश्रय स्थलों में संरक्षित/सत्यापित गोवंश के भरण-पोषण हेतु धनराशि व्यय हो, इससे इतर व्यय किया जाना वित्तीय नियमों का उल्लंघन एवं धनराशि का अपव्यय होगा। इसके लिए निदेशक, प्रशासन एवं विकास, पशुपालन विभाग पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। स्वीकृत किए जा रहे कार्य/मद हेतु पूर्व में राज्य सरकार अथवा अन्य किसी स्रोत से धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है और न ही यह कार्य किसी अन्य योजना/ कार्यक्रम में सम्मिलित है। स्वीकृत की जा रही धनराशि का आवंटन/हस्तांतरण जनपदों को नियमानुसार उनके द्वारा प्राप्त मांग के अनुरूप सुसंगत दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा तथा समय-समय पर प्रगति से शासन को भी अवगत कराया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा निराश्रित/बेसहारा गोवंश के निराकरण के लिये उत्तर प्रदेश के समस्त ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायों यथा ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निकायों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना व संचालन नीति प्रख्यापित की गयी है, जिसके तहत संरक्षित छुट्टा गोवंश की देखभाल का निरन्तर कार्य किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्‍द्र पाण्डेय