गोला में 132 मरीजों की हुई कैंसर की प्राथमिक जांच

 












गोरखपुर, 29 सितंबर (हि.स.)। मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोरखपुर के सहयोग से हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान, गीता वाटिका की ओर से मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोला के परिसर में नि:शुल्क कैंसर प्राथमिक जांच एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। ‘यूनाइटेड बाय यूनिक’ थीम के तहत आयोजित इस अभियान का उद्देश्य कैंसर की समय से पहचान, बचाव और उपचार के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक चले शिविर में स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

शिविर में कुल 132 मरीजों की कैंसर संबंधी लक्षणों की जांच की गई। हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान की चिकित्सक डॉ. आस्था राव ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया। शिविर में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंचे, जो स्तन में गांठ, गर्भाशय संबंधी समस्याओं, मुंह में छाले, पाचन संबंधी परेशानी और भूख न लगने जैसी समस्याओं से पीड़ित थे। जांच के बाद सभी मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के साथ कैंसर अस्पताल की ओर से नि:शुल्क औषधियां भी उपलब्ध कराई गईं।

कैंसर को लेकर जागरूकता पर दिया जोर

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान डॉ. आस्था राव ने स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्यकर्मियों और शिविर में आए लोगों को कैंसर के लक्षणों, बचाव और शुरुआती जांच के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं में स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर प्रमुख कैंसर में शामिल हैं। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए समय रहते जांच और आवश्यक टीकाकरण के प्रति जागरूकता जरूरी है।

उन्होंने कहा कि स्तन कैंसर की पहचान के लिए ब्रेस्ट सेल्फ एग्जामिनेशन, क्लीनिकल एग्जामिनेशन और मेमोग्राफी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान होने पर उपचार की संभावनाएं बेहतर होती हैं। उन्होंने लोगों से शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव या लगातार बनी रहने वाली परेशानी को नजरअंदाज न करने और समय रहते चिकित्सक से परामर्श लेने की अपील की।

डॉ. राव ने बताया कि किशोरियों और महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण सहित नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कैंसर को लेकर भय या संकोच के कारण बीमारी को छिपाने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

बदलती जीवनशैली के बीच बढ़ी जागरूकता की जरूरत

शिविर प्रबंधक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि बदलती जीवनशैली के साथ कैंसर से जुड़े जोखिमों और इसके शुरुआती लक्षणों को लेकर लोगों को लगातार जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता की कमी के कारण कई मामलों में बीमारी का पता काफी देर से चलता है। ऐसी स्थिति में उपचार अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

उन्होंने महिलाओं से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार की असहजता, गांठ या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी चिकित्सक से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ महिला से स्वस्थ परिवार और स्वस्थ परिवार से स्वस्थ समाज एवं राष्ट्र का निर्माण होता है।

सवाल पूछकर दूर की जिज्ञासाएं

शिविर में पहुंचे लोगों ने कैंसर से संबंधित विभिन्न सवाल पूछे और विशेषज्ञ चिकित्सकों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कराया। लोगों को कैंसर से बचाव, शुरुआती लक्षण और नियमित जांच से संबंधित पत्रक एवं विवरण पुस्तिकाएं भी वितरित की गईं। आयोजकों ने कहा कि समुदाय आधारित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नियमित जांच के लिए प्रेरित किया जा सकता है, जिससे कैंसर की समय से पहचान और उपचार में मदद मिलेगी।

शिविर में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमरेंद्र नाथ ठाकुर, डॉ. आस्था राव, अजय श्रीवास्तव, सत्यवती तिवारी, विकास चक्रधरी, जैनेन्द्र कुमार सिंह, सिद्धार्थ सिंह, पूनम मौर्या, बृजेश पाण्डेय सहित स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं अन्य सहयोगियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय