रामनगरिया मेला में साधु-संतों, कल्पवासियों की सुविधाओं में न हाे कमी : जिलाधिकारी
फर्रुखाबाद में 22 जनवरी से लगने वाले मेला की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियाें काे दिए निर्देश
स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था समय से पूरी करने पर जोर, गंगा की निर्मलता बनाए रखने के लिए उठेंगे कदम
फर्रुखाबाद, 28 अक्टूबर (हि.स.)। गंगा तट स्थित पांचाल घाट पर लगने वाले श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी-2027 की तैयारियों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में बैठक हुई। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मेला समिति के सदस्यों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मेले में आने वाले साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर तैयारियां पूरी करने को कहा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार ने बताया कि गंगा तट पर पौष पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक आयोजित होने वाला श्रीरामनगरिया मेला इस बार 22 जनवरी से 20 फरवरी 2027 तक प्रस्तावित है। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कल्पवासियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए संबंधित विभागों को पहले से जरूरी इंतजाम करने होंगे।
जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, अस्थायी शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही न हो और सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
बैठक में मेला समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस निगरानी बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों, मनचलों और अराजक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालु निर्भय होकर धार्मिक अनुष्ठान और कल्पवास कर सकें।
गंगा की स्वच्छता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। समिति के सदस्यों ने मेला अवधि में नदी में दूषित पानी का प्रवाह रोकने, घाटों की नियमित सफाई कराने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। साथ ही मेला क्षेत्र में अन्ना पशुओं के विचरण पर रोक लगाने का सुझाव दिया, जिससे आवागमन और स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित न हो।
डीएम ने समिति के सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि रामनगरिया मेला फर्रुखाबाद की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका आयोजन सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं।
बैठक में नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर अभय वर्मा सहित संबंधित अधिकारी और मेला समिति के सदस्य मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर