फर्रुखाबाद : शिक्षिका गीता वर्मा प्रदेश स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित
फर्रुखाबाद, 05 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर गोरखपुर में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा कार्य एवं योगदान के लिए शनिवार को शिक्षकों को पुरस्कृत किया। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रदेशभर के जिलों में किया गया। इसी कड़ी में फर्रुखाबाद जिले में कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जनपद स्तर पर शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि भारत में प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस का आयोजन देश के पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति में मनाया जाता है। हम सभी शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस का आयोजन करते हैं। आज के समय में शिक्षक के लिए शिक्षा कोई व्यवसाय नहीं, बल्कि भारत के व्यक्तित्व को तराशने का एक सुअवसर है, जिसकी पात्रता सभी नागरिकों को प्राप्त नहीं होती है। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी के हस्ताक्षर से आदेश लागू हो सकता है, एक जनप्रतिनिधि के हस्ताक्षर से योजना लागू हो सकती है, परंतु एक शिक्षक अपने हस्ताक्षर से परीक्षाफल में अंक प्रदान करता है तो एक भावी पीढ़ी में उन्नति कारक परिवर्तन होता है। जिला प्रशासन द्वारा कायाकल्प योजना के तहत 19 पैरामीटर पर निरंतर विद्यालयों में कार्य किया जा रहा है, लेकिन एक विद्यार्थी एवं विद्यालय की वास्तविक पहचान शिक्षक के प्रभावी व्यक्तित्व से होती है। शिक्षक बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मोबाइल एवं इंटरनेट का सदुपयोग करना भी सिखायें, जिससे वह आधुनिक तकनीक का प्रयोग स्वयं के मानवीय विकास एवं राष्ट्र की उन्नति में कर सकें।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद मुकेश राजपूत ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य के जीवन में गुरु का होना ईश्वरीय कृपा के समान है। बच्चों का उज्जवल भविष्य शिक्षकों की कार्यशैली पर निर्भर करता है। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षक भी अपने बच्चों को परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाएं, जिससे शिक्षा व्यवस्था आमजनमानस की दृष्टि में और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बन सके।
कार्यक्रम में विधायक अमृतपुर सुशील कुमार शाक्य ने कहा कि अपने देश में गुरु का महत्व आदिकाल से रहा है, जिसके दृष्टिगत हमारे देश में गुरु पूर्णिमा का पर्व प्रतिवर्ष मनाया जाता है। समाज के निर्माण में गुरु की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। छात्र को ऊंचाइयों तक ले जाने में भी एक शिक्षक का विशेष योगदान होता है। विद्यार्थी के प्रति शिक्षक का दायित्व केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, उनके आचरण व्यवहार का प्रभाव विद्यार्थी पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री द्वारा जिन शिक्षकों को सम्मानित किया गया है, उनमें जनपद फर्रुखाबाद की शिक्षिका गीता वर्मा का नाम भी सम्मिलित है, यह हमारे जनपद के लिए अत्यधिक गर्व की बात है।
विधायक भोजपुर नागेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह अपेक्षा है कि शिक्षक बच्चों को ज्ञान के साथ-साथ संस्कार भी प्रदान करें, जिससे वह शिक्षित होने के साथ ही जीवन में एक सफल नागरिक भी बन सके।
इस दौरान प्रशासक जिला पंचायत मोनिका यादव ने कहा कि आज का दिन शिक्षकों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति के विकास एवं उन्नति में एक शिक्षक का विशेष योगदान होता है। अभिभावक जितनी जिम्मेदारी के साथ बच्चों का पालन पोषण करते हैं ठीक उसी प्रकार शिक्षक भी बच्चों की उन्नति में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हैं।
शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में जनपद के परिषदीय एवं माध्यमिक विद्यालयों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को मुख्य अतिथि सहित उपस्थित अन्य अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया।
जनपद स्तर पर आयोजितशिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि फर्रुखाबाद में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 1576 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिसमें 13 परिषदीय विद्यालय पीएमश्री योजना से आच्छादित हैं, जिनमें 147515 छात्र/छात्राएं अध्यनरत हैं एवं समस्त विद्यालयों में कुल 6269 (1496 शिक्षक, 1542 शिक्षामित्र एवं 231 अनुदेशक) कार्यरत हैं। जनपद में दो विद्यालय मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं शिक्षक गण उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर