चार साल पुराने इम्प्लांट को जटिल सर्जरी से निकाला, 15 वर्षीय किशोरी को मिली राहत : डॉ. संजय कुमार

 


कानपुर, 22 अगस्त (हि.स.)। चार वर्ष पुराने इम्प्लांट को निकालना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन विशेषज्ञ टीम ने जटिल स्थिति का सफल प्रबंधन करते हुए ऑपरेशन किया। फिलहाल मरीज की हालत बेहतर है और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। यह जानकारी शनिवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय कुमार ने दी।

जाजमऊ पुरानी चुंगी, कानपुर कैंट निवासी 15 वर्षीय रिम्शा खान करीब चार वर्ष पहले घर की सीढ़ियों से गिर गई थी। हादसे में उसकी जांघ की हड्डी में चोट आई थी। उसका प्रारंभिक उपचार जिला अस्पताल उर्सला में कराया गया था, जहां ऑपरेशन के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और वह ठीक हो रही थी।

समय बीतने के साथ इम्प्लांट के कारण उसे परेशानी होने लगी। परिजन उसे दोबारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इम्प्लांट निकालने का प्रयास किया गया। जटिलता के कारण इम्प्लांट नहीं निकल सका। इसके बाद मरीज को आगे के उपचार के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

मरीज को अस्थि रोग विभाग में विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय कुमार और उनकी टीम की देखरेख में भर्ती किया गया। जांच के बाद विशेषज्ञों ने जटिल इम्प्लांट रिमूवल की प्रक्रिया की। कुशल शल्य चिकित्सा और टीम के प्रयास से ऑपरेशन सफल रहा। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बेहतर है और चिकित्सकीय निगरानी में उसका उपचार जारी है।

इस जटिल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. रश्मि श्रीवास्तव के साथ डॉ. रत्नेश, डॉ. अरीबा, डॉ. आकांक्षा और डॉ. प्रशांत ने सहयोग किया। कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संजय काला के सहयोग से अस्थि रोग विभाग की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण मामले का सफल उपचार किया।

सफल ऑपरेशन के बाद मरीज और उसके तीमारदारों ने चिकित्सकों और एलएलआर अस्पताल की टीम के प्रति आभार जताया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप