घर बैठे ऐसे पहचानें खाद्य पदार्थों में मिलावट, फूड सेफ्टी वैन ने बताए आसान तरीके
कानपुर, 07 अगस्त (हि.स.)। मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए शुक्रवार को मोतीझील में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स मोबाइल प्रयोगशाला ने लाइव प्रदर्शन किया। लोगों को दूध, दुग्ध उत्पाद, मसाले, तेल, शहद, चायपत्ती और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की प्रारंभिक पहचान के तरीके बताए गए।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मोबाइल प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली देखी और विभिन्न परीक्षणों की जानकारी ली। इस दौरान सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र द्विवेदी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार, नरेंद्र शर्मा, बृजमोहन गुप्ता, उपासना शाह और मोबाइल प्रयोगशाला के विश्लेषक मौजूद रहे।
विशेषज्ञों ने दूध में डिटर्जेंट व स्टार्च, घी में स्टार्च, हल्दी और लाल मिर्च में कृत्रिम रंग, काली मिर्च में पपीते के बीज तथा चांदी के वर्क में एल्युमिनियम की मिलावट की प्रारंभिक जांच करके दिखाई। इसके साथ ही दालचीनी, हींग, शहद, लौंग, सरसों, चायपत्ती और हरी मटर में मिलावट पहचानने के तरीके भी बताए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मिलावट के खिलाफ जागरूक उपभोक्ता सबसे प्रभावी हथियार है। फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स के माध्यम से लोगों को सरल परीक्षणों की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने लोगों से विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से खाद्य सामग्री खरीदने और मिलावट की जानकारी मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना देने की अपील की।
ऐसे करें मिलावटी खाद्य पदार्थों की प्रारंभिक पहचान
चांदी के वर्क में एल्युमिनियमशुद्ध चांदी का वर्क उंगलियों से मसलने पर चूर्ण की तरह बिखरता है, जबकि एल्युमिनियम छोटे टुकड़ों में टूटता है। आग में भी दोनों में अंतर दिखाई देता है।
दूध और दुग्ध उत्पाददूध, पनीर, खोया और छेना में स्टार्चइनमें आयोडीन की दो-तीन बूंद डालें। नीला रंग बनने पर स्टार्च की मिलावट की आशंका होती है।
दूध में डिटर्जेंटदूध में बराबर मात्रा में पानी मिलाकर हिलाएं। बहुत गाढ़ा झाग बनने पर डिटर्जेंट की मिलावट का संदेह हो सकता है।
घी और मक्खन में स्टार्चआधा चम्मच घी या मक्खन में आयोडीन की कुछ बूंद डालें। नीला रंग बनने पर स्टार्चयुक्त पदार्थ की आशंका हो सकती है।
मसाले और खाद्य सामग्रीकाली मिर्च में पपीते के बीजपानी में शुद्ध काली मिर्च नीचे बैठती है, जबकि पपीते के बीज ऊपर तैर सकते हैं। बीज चिकने और अंडाकार होते हैं।
लाल मिर्च में कृत्रिम रंगपानी में लाल मिर्च डालने पर यदि रंग की धारियां अलग होकर उतरने लगें तो कृत्रिम रंग की आशंका हो सकती है।
हल्दी में कृत्रिम रंगपानी में हल्दी डालने पर अत्यधिक गहरा पीला रंग निकलना कृत्रिम रंग की मिलावट का संकेत हो सकता है।
दालचीनी में कैसियाअसली दालचीनी की परतें बहुत पतली होती हैं, जबकि कैसिया की छाल मोटी और कई परतों वाली होती है।
हींग में रालशुद्ध हींग जलाने पर कपूर की तरह जलती है। पानी में घोलने पर दूधिया सफेद घोल बनता है और तलछट नहीं रहती।
तेल, शहद और अन्य खाद्य पदार्थशहद में चीनी की चाशनीपानी में शहद की बूंद डालें। शुद्ध शहद तुरंत नहीं फैलता, जबकि मिलावटी शहद पानी में फैलने लगता है।
तेल में रासायनिक मिलावटकुछ रासायनिक मिलावटों की पहचान विशेष अभिकर्मकों से होती है। इसका प्रदर्शन मोबाइल प्रयोगशाला में किया गया।
लौंगअच्छी गुणवत्ता वाली लौंग पानी में नीचे बैठती है, जबकि इस्तेमाल की हुई लौंग ऊपर तैर सकती है।
सरसोंसरसों के बीज चिकने और दबाने पर पीले दिखाई देते हैं। सत्यानाशी के बीज खुरदरे, काले और अंदर से सफेद होते हैं।
चायपत्तीसफेद कागज या फिल्टर पेपर पर पानी डालने पर रंग की धारियां बनें तो कृत्रिम रंग की आशंका हो सकती है।
हरी मटरमटर को करीब आधे घंटे पानी में भिगोएं। पानी का रंग बदलने लगे तो कृत्रिम रंग की मिलावट का संदेह हो सकता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये घरेलू परीक्षण केवल प्रारंभिक पहचान के लिए हैं। किसी संदिग्ध खाद्य पदार्थ में मिलावट की अंतिम पुष्टि विभागीय प्रयोगशाला में वैज्ञानिक जांच के बाद ही की जाती है। अब बॉक्स के सभी बिंदु उसी प्वाइंट-टू-प्वाइंट फॉर्मेट में हैं, जैसे आपने मूल सामग्री में दिए थे।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप