फर्रुखाबाद में 38वें मानस सम्मेलन का शुभारंभ, संतों ने रामचरित मानस के जीवन में अनुकरण पर दिया जोर

 


फर्रुखाबाद, 30 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में पंडाबाग रेलवे रोड स्थित महाभारत कालीन मंदिर श्री पाण्डेश्वर नाथ के सत्संग भवन में बुधवार को मानस विचार समिति के तत्वावधान में 38वें मानस सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सूर्य पूजन के साथ हुई। इसके बाद श्री गणेश, श्रीराम दरबार, श्री हनुमान जी और मानस ग्रंथ का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया।

मुख्य यजमान प्रधानाचार्य डॉ. होम सिंह ने अपनी पत्नी मालती देवी के साथ पं. रामेन्द्र नाथ मिश्रा, डॉ. रामबाबू पाठक और पं. विशेष पाठक के सानिध्य में देवी-देवताओं एवं मानस ग्रंथ का पूजन किया। इस दौरान संत शिरोमणि स्वामी लक्ष्मीनारायण सरस्वती, स्वामी श्यामानन्द सरस्वती, रामरथ सरस्वती, अवधेशानंद सरस्वती, कमलानंद सरस्वती और स्वामी सम्पूर्णानंद सरस्वती ने आगंतुक संतों का स्वागत किया।

मानस विद्वान डॉ. रामबाबू पाठक ने सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास रचित श्रीरामचरित मानस मानव जीवन में धर्म, कर्म, अर्थ और मोक्ष की उपयोगिता का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि रामायण और रामराज्य की अवधारणा धर्म के आधार पर स्थापित है। सम्मेलन का उद्देश्य समाज में सुख, शांति और मंगल की भावना को बढ़ावा देना है।

संत शिरोमणि स्वामी लक्ष्मीनारायण सरस्वती ने कहा कि श्रीरामचरित मानस परिवार, समाज और राष्ट्र में व्यक्ति के चरित्र निर्माण का मार्ग दिखाता है तथा जीवन की विषम परिस्थितियों में मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि केवल मानस का अध्ययन ही नहीं, बल्कि उसके आदर्शों को अपने आचरण में उतारना भी जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान सुरजीत पाठक (बंटू भैया), अपूर्व पाठक, नरेश दुबे, अखिलेश शुक्ला, ज्योति स्वरूप अग्निहोत्री, बृजेन्द्र श्रीमाली, अशोक शुक्ल, सदानंद शुक्ल, अद्भुत और अभिषेक समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मानस एवं देवी-देवताओं की आरती की। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया।

सम्मेलन के संयोजक ने श्रद्धालुओं से सायंकाल चार बजे से रात नौ बजे तक होने वाले कार्यक्रमों में समय से पहुंचने की अपील की।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर