एमजीयूजी के आयुर्वेद कॉलेज की पांच शोध परियोजनाओं काे मिली स्वीकृत

 

गोरखपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) के गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आयुर्वेद कॉलेज) को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा प्रतिष्ठित स्पार्क फेलोशिप योजना में कुल पांच शोध परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद ने गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सा विज्ञान संस्थान की प्रगति यादव-डॉ. विनम्र शर्मा, अरुण-डॉ. गिरिधर वेदांतम, रवि रंजन-डॉ. आर. पुष्पन, प्रभाकर वर्मा-डॉ. अभिजित एन. एवं विनीत सिंह-डॉ. एनआर नवोदय राजू की शोध परियोजनाओं को मंजूरी दी है। उत्तर प्रदेश में यह आयुर्वेद कॉलेज ऐसा प्रथम संस्थान है जिसे स्पार्क फेलोशिप योजना के अंतर्गत पांच परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। प्रत्येक परियोजना के लिए पचास हजार रुपये की अनुसंधान सहायता प्रदान की जाएगी ।

एमजीयूजी के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शुक्रवार काे कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की शोध क्षमता और संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने सभी चयनित विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शकों को बधाई दी है। एमजीयूजी के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने भी इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि भविष्य में और अधिक शोध गतिविधियों को प्रेरित करेगी तथा संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी। उन्होंने कहा कि यह सफलता आयुर्वेद शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय