आलू उत्पादक कृषकों को आर्थिक सहायता एवं उचित मूल्य दिलाने के लिए उद्यान विभाग की दो योजनाएं संचालित

 


- भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना की योजना

- निजी शीतगृहों में भण्डारित आलू के भण्डारण प्रभार पर अनुदान की योजना

मुरादाबाद, 23 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार आलू उत्पादक कृषकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, आलू के मूल्य में स्थिरता बनाए रखने और कृषकों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 में उद्यान विभाग के माध्यम से दो महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना की योजना और निजी शीतगृहों में भण्डारित आलू के भण्डारण प्रभार पर अनुदान की योजना शामिल हैं। इन योजनाओं का संचालन प्रदेश के समस्त मण्डलों एवं जिलाें में किया जा रहा है। इसके लिए आवेदन निर्धारित पोर्टल https://potato.uphorticulture.in/ पर सीधे अथवा जनसेवा केन्द्र के माध्यम से किया जा सकता है।

उप निदेशक उद्यान डॉ. विनीत कुमार ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि पात्र आलू उत्पादक कृषक निर्धारित शर्तों एवं प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वर्ष 2026-27 में संचालित इस योजना के अन्तर्गत एफएक्यू गुणवत्ता (30 से 80 एम.एम.) के आलू का विक्रय मूल्य 700 रुपये प्रति कुन्तल से कम होने तथा व्यापारी से कृषक को भुगतान बैंकिंग चैनल के माध्यम से प्राप्त होने पर योजना का लाभ देय होगा।

उन्होंने बताया कि योजना के अन्तर्गत प्रति कृषक अधिकतम 02 हेक्टेयर आलू रोपित क्षेत्रफल, प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 कुन्तल मानक उत्पादन तथा प्रति कृषक अधिकतम 200 कुन्तल की सीमा के अधीन उत्पादन लागत का 25 प्रतिशत अथवा उत्पादन लागत एवं बिक्री दर के अन्तर की धनराशि, जो भी कम हो, अनुदान के रूप में देय होगी। अनुदान की अधिकतम सीमा 20,हजार रुपये प्रति कृषक निर्धारित है। पट्टाधारक कृषक भी इस योजना के पात्र होंगे।

आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक अभिलेख योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कृषक को आधार कार्ड/कृषक आईडी के माध्यम से ई-केवाईसी करते हुए बैंक पासबुक अथवा चेकबुक की छायाप्रति, अद्यतन खसरा-खतौनी, व्यापारी एवं आलू कृषक के मध्य क्रय-विक्रय सौदा प्रपत्र (6आर) आदि की स्वप्रमाणित प्रतियां ऑनलाइन अपलोड करनी होंगी।

निजी शीत गृहों में भण्डारित आलू के भण्डार प्रभार अनुदान योजना के अन्तर्गत प्रदेश के निजी शीतगृहों में आलू भण्डारित करने वाले आलू उत्पादक कृषकों को भण्डारण प्रभार पर 100 रुपये प्रति कुन्तल की दर से अनुदान देय है। योजना में प्रति कृषक अधिकतम 02 हेक्टेयर आलू रोपित क्षेत्रफल तथा अधिकतम 200 कुन्तल आलू पर अनुदान अनुमन्य है। अनुदान की अधिकतम सीमा 20 हजार रुपये प्रति कृषक निर्धारित है। पट्टाधारक कृषक भी योजना का लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं।

आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक अभिलेख योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कृषक को आधार कार्ड/कृषक आईडी के माध्यम से ई-केवाईसी करते हुए बैंक पासबुक अथवा चेकबुक की छायाप्रति, अद्यतन खसरा-खतौनी, शीतगृह द्वारा जारी आमद रसीद/तकपट्टी/भण्डारण रसीद, भण्डारण प्रभार भुगतान रसीद, आलू निकासी रसीद एवं गेट पास रसीद आदि की स्वप्रमाणित प्रतियां ऑनलाइन अपलोड करनी होंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल