यज्ञाचार्य हरिश उपाध्याय के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ नारायण भगवान की पूर्णाहुति संपन्न
गोरखपुर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। ग्रामसभा मठिया स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्री श्री 1008 श्री रुद्र महायज्ञ का शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के अनुरूप विधिवत समापन हुआ। यज्ञाचार्य पं. हरिश उपाध्याय के आचार्यत्व में यज्ञ नारायण भगवान की पूर्णाहुति का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों एवं पूजन-अर्चन का सिलसिला शुरू हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा यज्ञ परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम प्रातःकाल यज्ञ मंडप में विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन किया गया। इसके उपरांत महायज्ञ के यजमान प्रहलाद निषाद ने अपनी धर्मपत्नी के साथ धार्मिक परंपराओं के अनुसार तुलादान किया। तुलादान की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद यज्ञाचार्य पं. हरिश उपाध्याय के मार्गदर्शन में वैदिक विद्वानों ने हवन का अनुष्ठान संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं कल्याण की कामना की।
हवन एवं पूर्णाहुति के उपरांत देवी-देवताओं की विधिवत आरती की गई। इसके साथ ही यज्ञ में आमंत्रित देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन कर पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ विदाई की गई। महायज्ञ को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले यज्ञाचार्य पं. हरिश उपाध्याय सहित वैदिक विद्वानों एवं ब्राह्मणों की भी सम्मानपूर्वक विदाई की गई।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने यज्ञ नारायण भगवान के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक अनुष्ठान के समापन पर क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों के सहयोग से संपन्न हुआ यह महायज्ञ धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और लोककल्याण का प्रेरणादायी आयोजन बना।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय