19 नवंबर से शुरू होगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान, छह लाख लोगों को खिलाई जाएगी दवा : अरुण कुमार सिंह

 


कानपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। फाइलेरिया से बचाव के लिए अभियान के दौरान पात्र लोगों को दवा खिलाना जरूरी है। इसके लिए चार ब्लॉकों में छह लाख लोगों को दवा देने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान की तैयारियां पूरी की जा रही हैं और दवा प्रदाताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह बातें मंगलवार को जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने कहीं।

19 नवंबर से सात दिसंबर तक चलने वाले अभियान की तैयारियों के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चौबेपुर ब्लॉक के गबरईया गांव में संचारी रोग नियंत्रण और डेंगू निरोधात्मक गतिविधियों का निरीक्षण किया। टीम में नोडल अधिकारी वीबीडी डॉ. राजेश्वर सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह, एसएलटी गणेश चन्द्र शंखवार और पाथ संस्था के रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ. शिवकांत शामिल रहे।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम बुखार सर्वेक्षण, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने और अन्य निरोधात्मक कार्य करती मिली। अधिकारियों ने गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों को घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने के लिए जागरूक किया गया।

गांव में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में 46 मरीजों की जांच की गई। सभी की मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड की जांच हुई। इनमें कोई भी मलेरिया संक्रमित नहीं मिला। मरीजों को निःशुल्क दवाएं और परामर्श भी दिया गया।

अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अभियान बिल्हौर, ककवन, चौबेपुर और बिधनू ब्लॉक में चलाया जाएगा। इसके लिए 90 सुपरवाइजर और 1084 दवा प्रदाताओं की तैनाती की गई है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी पात्र लोगों को दवा दी जाएगी। आशा कार्यकर्ता अपने सामने ही दवा खिलाएंगी।

नोडल अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है। इसके परजीवी लसिका तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं। अभियान के दौरान दवा सेवन के महत्व और संभावित प्रतिक्रियाओं की जानकारी भी दी जा रही है। किसी प्रतिकूल स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में रैपिड रिस्पॉन्स टीम तैनात रहेगी।

इसके अलावा जाजमऊ, गोविंद नगर, पनकी, बब्बन का हाता और किदवई नगर में मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने, लार्वानाशक छिड़काव और जागरूकता अभियान चलाया गया। बिधनू के एसजे महाविद्यालय में विद्यार्थियों के बीच क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। संचारी रोगों की शिकायत के लिए यूएचएम चिकित्सालय और नगर निगम के कंट्रोल रूम पर संपर्क किया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप