फर्रुखाबाद में 1100 विद्यालय और 100 गांव बनेंगे तंबाकू मुक्त, युवाओं काे नशे से बचाने के लिए 60 दिन चलेगा अभियान

 


तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 के तहत स्कूलों में जागरूकता और शपथ कार्यक्रम, 100 प्रवर्तन अभियान भी चलाएगा स्वास्थ्य विभाग

फर्रुखाबाद, 03 नवंबर (हि.स.)। तंबाकू के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए जनपद में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 शुरू किया गया है। 28 अक्टूबर से शुरू हुआ यह अभियान दो माह यानी 60 दिनों तक संचालित किया जाएगा। इसके तहत जनपद के 1100 विद्यालयों और 100 गांवों को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएंगे।

1100 विद्यालयों में होंगे जागरूकता और शपथ कार्यक्रम

अभियान के अंतर्गत पुलिस विभाग, पंचायतीराज विभाग, शिक्षा विभाग और चिकित्सा विभाग के समन्वय से जनपद के 1100 विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों की जानकारी देने के साथ तंबाकू का सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई जाएगी। विद्यालयों को तंबाकू मुक्त घोषित कराने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

100 गांवों को भी बनाया जाएगा तंबाकू मुक्त

पंचायतीराज विभाग के सहयोग से 100 गांवों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीणों को तंबाकू और गुटखा सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक कर गांवों को तंबाकू मुक्त घोषित कराने की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा विभाग की ओर से आईईसी (सूचना, शिक्षा एवं संचार) अभियान चलाया जाएगा। पुलिस विभाग के सहयोग से 100 प्रवर्तन अभियान भी आयोजित किए जाएंगे।

तंबाकू में मौजूद जहरीले तत्व शरीर को पहुंचाते हैं नुकसान

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि तंबाकू में लगभग 4000 जहरीले तत्व मौजूद होते हैं, जो मानव शरीर में कई प्रकार की गंभीर बीमारियां उत्पन्न कर सकते हैं। इसके सेवन से बाल झड़ना, मोतियाबिंद, फेफड़ों का कैंसर और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। युवाओं को इन दुष्परिणामों से बचाने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है।

इच्छाशक्ति से छोड़ी जा सकती है तंबाकू की लत

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि तंबाकू छोड़ने के लिए व्यक्ति के मन में दृढ़ इच्छाशक्ति होना आवश्यक है। यदि एक बार में तंबाकू छोड़ना संभव न हो तो धीरे-धीरे इसकी मात्रा कम की जा सकती है। इसके लिए व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में बदलाव करना चाहिए, डायरी लिखनी चाहिए और अपने मित्रों व परिचितों को तंबाकू छोड़ने के निर्णय के बारे में बताना चाहिए। साथ ही अपने पास सिगरेट, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद नहीं रखने चाहिए।

जिला अस्पताल से हेल्थ वेलनेस सेंटर तक मिलेगी निःशुल्क काउंसलिंग

जनपद सलाहकार सूरज दुबे ने बताया कि तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों की काउंसलिंग जिला चिकित्सालय डॉ. राम मनोहर लोहिया पुरुष चिकित्सालय, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर की जा रही है। यहां काउंसलर और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) लोगों को तंबाकू की लत छोड़ने के लिए आवश्यक परामर्श दे रहे हैं।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार की ओर से तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-112-356 जारी किया गया है। इस नंबर पर सोमवार को छोड़कर सुबह 08 बजे से शाम 08 बजे तक निःशुल्क कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। कॉल सेंटर के माध्यम से घर बैठे भी तंबाकू छोड़ने के लिए मार्गदर्शन लिया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर