समग्र विकास के लिए कृषि तकनीक अन्नदाता किसानों तक पहुंचाए : मंत्री सूर्य प्रताप शाही

 


बांदा कृषि विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय किसान मेला शुरू

बांदा, 26 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में गुरुवार से तीन दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय किसान मेले का शुभारंभ प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि “देश का किसान अन्नदाता है और विश्वविद्यालय में विकसित तकनीकें सीधे किसानों तक पहुंचनी चाहिए, तभी बुंदेलखंड का समग्र विकास संभव होगा।”

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में विश्वविद्यालय में जहां 460 विद्यार्थी और 13 शिक्षक थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1500 विद्यार्थियों और 120 शिक्षकों तक पहुंच गई है। प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 2 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है, जो सरकार की योजनाओं और प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की जलवायु को ध्यान में रखते हुए स्पीड ब्रीडिंग के माध्यम से नई फसल किस्में विकसित की जानी चाहिए। साथ ही गेहूं की पारंपरिक किस्मों के संरक्षण, तिलहन और दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने तथा सरसों के बीज के दीर्घकालिक भंडारण पर शोध की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही राष्ट्र की समृद्धि का आधार है। आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण बीजों से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहा है।

वहीं विधायक ओममणि वर्मा ने महिला किसानों के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि महिला केंद्रित कृषि उपकरण और तकनीकें उनके कार्य को आसान बनाएंगी।

श्याम बिहारी गुप्ता ने प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ गिरीश प्रसाद दीक्षित को दलहन अनुसंधान में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर 10 प्रगतिशील किसानों और स्वयं सहायता समूहों को भी सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.वी.एस. राजू ने संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित किया।

मेले में देशभर के कृषि संस्थानों, आईसीएआर तथा विभिन्न विभागों के 120 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। पहले दिन करीब 5 हजार किसानों ने मेले का भ्रमण कर नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह