रायसेन कृषि महोत्सव में आधुनिक तकनीक से रूबरू हुए किसान, पद्मश्री कृषकों ने साझा किए अनुभव

 


कानपुर, 11 अप्रैल (हि.स.)। आईसीएआर-अटारी कानपुर का प्रयास है कि किसानों को राष्ट्रीय मंचों से जोड़कर नई तकनीकों तक उनकी सीधी पहुंच सुनिश्चित की जाए, ताकि वे आधुनिक तरीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें। तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव 2026 में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर नई तकनीकों की जानकारी हासिल की और खेती को लाभकारी बनाने के उपाय सीखे। यह बातें शनिवार को आईसीएआर अटारी जोन-3 कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने कही।

जनपद रायसेन एपमी के दशहरा मैदान में आयोजित इस महोत्सव का भव्य शुभारंभ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट भी मौजूद रहे।

महोत्सव का मुख्य उद्देश्य ‘लैब टू लैंड’ विजन के तहत आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और सरकारी योजनाओं को सीधे किसानों तक पहुंचाना रहा। आईसीएआर-अटारी कानपुर के समन्वय से उत्तर प्रदेश के अनेक प्रगतिशील किसानों ने इसमें भाग लिया, जिनमें पद्मश्री से सम्मानित कृषक भी शामिल रहे। इन किसानों ने कार्यशालाओं में अपने अनुभव साझा करते हुए अन्य किसानों को आधुनिक खेती के तौर-तरीकों के प्रति जागरूक किया।

दीन दयाल शोध संस्थान-कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां, चित्रकूट से 50 से अधिक किसानों का दल भी इस महोत्सव में शामिल हुआ। ये किसान निकरा परियोजना के अंतर्गत चयनित गांवों से जुड़े हैं। किसानों ने मेले में लगे विभिन्न स्टालों के माध्यम से जलवायु अनुकूल खेती, कृषि ड्रोन के उपयोग, जैविक खेती के नवीन मॉडल और सौर ऊर्जा आधारित आधुनिक उपकरणों की जानकारी प्राप्त की।

महोत्सव के दौरान किसानों ने खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और कृषि विविधीकरण के नए तरीकों को भी समझा, जिससे उनकी आय में वृद्धि की संभावनाएं मजबूत हो सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद