नलकूप-पूर्व परिक्षेत्र में हजारों किसानों को मिल रही बेहतर सिंचाई सुविधा
-9107 राजकीय नलकूपों से 7.62 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित
-लघुडाल और पम्प नहरों के जरिए सिंचाई क्षमता में बड़ा विस्तार
-8 वर्षों में रिकॉर्ड विकास: नए नलकूप, जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण से बढ़ी क्षमता
-आधुनिकीकरण की ओर कदम पम्प नहरों के सुधार से हजारों किसान होंगे लाभान्वित
अयोध्या, 30 मार्च (हि.स.)। नलकूप-पूर्व परिक्षेत्र, अयोध्या के अंतर्गत गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन व अयोध्या मंडलों के 16 जनपदों में सिंचाई विभाग द्वारा संचालित व्यापक व्यवस्था ने किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। इस परिक्षेत्र में 9107 राजकीय नलकूपों, 10 लघुडाल नहरों और 11 वृहद एवं मध्यम पम्प नहरों के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इन नलकूपों से कुल 7,62,700 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई क्षमता सृजित की गई है, जबकि लघुडाल नहरों से 3,403 हेक्टेयर और पम्प नहरों से 3,80,636 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता उपलब्ध है। गत खरीफ एवं रबी फसल में इन संसाधनों से कुल 6,55,957 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों में सिंचाई क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। इस दौरान 1,362 नए राजकीय नलकूपों का निर्माण, 261 असफल नलकूपों का पुनर्निर्माण और 2,043 नलकूपों का जीर्णोद्धार किया गया। साथ ही 7 लघुडाल नहरों और 7 पम्प नहरों का पुनरोद्धार भी पूरा किया गया। इन प्रयासों से 1,37,232 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता सृजित हुई है और 1,56,848 कृषक परिवार सीधे लाभान्वित हुए हैं। वर्तमान में 789 राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसके पूरा होने पर 4,734 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित हो सकेगी और 5,680 किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। इसी प्रकार 8 वृहद एवं मध्यम पम्प नहरों के आधुनिकीकरण का कार्य भी प्रगति पर है। इसके पूरा होने से 29,430 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और 35,316 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे।
किसानों को विश्वसनीय सिंचाई सुविधा मिल रही
सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में पहली बार सौर ऊर्जा (हाईब्रिड) आधारित नलकूपों और लघुडाल नहरों का संचालन शुरू किया गया है, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है और किसानों को विश्वसनीय सिंचाई सुविधा मिल रही है। इसके अलावा 100 से अधिक नलकूपों में आईओटी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लगा दिया गया है, जिससे दूर से ही नलकूपों की स्थिति, पानी का स्तर और संचालन की निगरानी की जा सकती है। इससे रखरखाव आसान हुआ है और समय पर खराबी दूर करने में मदद मिल रही है।
आधुनिकीकरण से दूर-दराज के गांवों तक पहुंच रहा पानी
इन विकास कार्यों से न केवल कृषि उत्पादकता बढ़ी है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि हुई है। पहले जहां सूखे और अनियमित सिंचाई के कारण फसलें प्रभावित होती थीं, वहीं अब विश्वसनीय जल स्रोत उपलब्ध होने से किसान बहु-फसली खेती की ओर बढ़ रहे हैं। लघुडाल और पम्प नहरों के विस्तार व आधुनिकीकरण से दूर-दराज के गांवों तक पानी पहुंच रहा है।
सिंचाई के क्षेत्र में मॉडल बनाने की दिशा में कार्य जारी
अयोध्या मण्डल के नलकूप विभाग के मुख्य अभियन्ता एस. पी. मौर्य ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के विजन के अनुरूप सिंचाई विभाग लगातार नई तकनीकों को अपनाते हुए किसान हितैषी योजनाओं को आगे बढ़ा रहा है। नलकूप-पूर्व परिक्षेत्र इस प्रयास का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है। आने वाले समय में और अधिक नलकूपों, नहरों तथा सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र को सिंचाई के क्षेत्र में मॉडल बनाने की दिशा में कार्य जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय