बाढ़ व जलभराव से निपटने को प्रशासन अलर्ट
गोरखपुर, 11 मई (हि.स.)। मानसून और संभावित बाढ़ एवं जलभराव की चुनौतियों को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। नगर निगम सभागार में सोमवार को मंडलायुक्त अनिल ढींगरा एवं महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें शहर को जलभराव मुक्त रखने, त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई।
बैठक में नगर आयुक्त अजय जैन, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव सहित नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, जल निगम एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अब तक की तैयारियों और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी।
पम्पिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई गई
नगर क्षेत्र में स्थापित सभी पम्पिंग स्टेशनों को पूर्ण रूप से क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पम्पिंग सेट लगाए जा रहे हैं, ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी तेजी से हो सके। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पम्प उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि शहर के किसी भी हिस्से में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
नालों की सफाई में तेजी, अतिक्रमण पर सख्ती
नगर निगम द्वारा प्रमुख एवं सहायक नालों की युद्धस्तर पर सफाई कराई जा रही है। जिन स्थानों पर नालों की जलनिकासी बाधित हो रही है, वहां अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि कई क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अवरोध हटाए जा रहे हैं ताकि बारिश के पानी का प्रवाह बाधित न हो।
संवेदनशील और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की अलग से सूची तैयार की गई है। इन इलाकों में विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो लगातार निगरानी रखेंगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करेंगी।
कंट्रोल रूम हुआ सक्रिय, हेल्पलाइन जारी
संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम का कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी कर आमजन से अपील की गई है कि कहीं भी जलभराव, नाला जाम या बाढ़ जैसी स्थिति दिखाई देने पर तत्काल सूचना दें।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की देरी न हो और राहत कार्यों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संचारी रोगों की रोकथाम पर विशेष फोकस
बरसात के मौसम में फैलने वाले डेंगू, मलेरिया और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष रूप से अलर्ट किया गया है। शहर में फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और स्वच्छता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
जलभराव वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित निगरानी करेगी और आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जनजागरूकता अभियान भी तेज
प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जा रहा है। नगरवासियों से अपील की गई है कि वे नालों में कूड़ा न डालें और जलभराव की स्थिति में प्रशासन का सहयोग करें।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री, पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने कहा कि बाढ़ एवं जलभराव जैसी आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों को पूरी तत्परता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय