लंबित ऋण आवेदनों का जल्द निस्तारण करें, सीडी रेशियो 45 प्रतिशत तक पहुंचाएं : सीडीओ

 


कानपुर, 14 सितंबर (हि.स.)। जिले में ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) को 45 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए बैंक ठोस कार्ययोजना तैयार करें और लंबित ऋण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मेगा ऋण शिविर आयोजित कर लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति की जाए। यह निर्देश सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने सोमवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला सलाहकार समिति की बैठक के दौरान दिए।

बैठक में वार्षिक ऋण योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। भारतीय रिजर्व बैंक की प्रतिनिधि नम्रता किरण (एलडीओ), नाबार्ड के डीडीएम राहुल यादव, एलडीएम कानपुर नगर आदित्य चंद्र, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और सभी बैंकों के जिला समन्वयक मौजूद रहे।

समीक्षा में सामने आया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक का ऋण-जमा अनुपात भारतीय रिजर्व बैंक के निर्धारित न्यूनतम 40 प्रतिशत से कम है। इस पर सीडीओ ने संबंधित बैंकों को विशेष प्रयास कर सीडी रेशियो में सुधार लाने और इसे 45 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि उद्यमियों और लाभार्थियों के ऋण आवेदनों के निस्तारण में बैंक पारदर्शिता और संवेदनशीलता से काम करें। किसी आवेदन में दस्तावेज अधूरे होने पर आवेदक को इसकी स्पष्ट जानकारी देकर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। सभी लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निस्तारण करने को कहा गया।

सीडीओ ने कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन बैंकों का सहयोग अपेक्षित स्तर पर नहीं है, उनके नेशनल हेड को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम-युवा), एनआरएलएम, पीएम स्वनिधि, पीएम सूर्य घर योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत मेगा ऋण शिविर लगाने को कहा। इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराने और निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति पर जोर दिया गया।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जिले के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को गति देने के लिए उद्यमियों को अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही ऋण से जुड़ी उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने बैंकिंग व्यवस्था को सक्रिय, पारदर्शी और संवेदनशील बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप