विधान परिषद में पूर्व एमएलसी जय प्रकाश चतुर्वेदी को दी गयी श्रद्धांजलि

 


लखनऊ, 03 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को सदन में दिवंगत नेताओं के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। विधान परिषद में पूर्व विधान परिषद सदस्य जय प्रकाश चतुर्वेदी को श्रद्धांजलि दी गयी। उनका निधन विगत 26 जुलाई को केजीएमयू में हो गया था। वह लगभग 80 वर्ष के थे। उनके निधन पर विधान परिषद सदन में शोक प्रस्ताव पढ़ा गया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए कुछ क्षणों का मौन रखा गया।

सदन में शोक जताते हुए कहा गया कि उनका निधन राष्ट्र और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और उनके शोक-संतप्त परिवार को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

शोक प्रस्ताव पढ़ते हुए विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि 2004 को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए और 6 जुलाई 2010 तक इस पद पर रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विधान परिषद द्वारा गठित विभिन्न समितियों के सदस्य के रूप में काम किया। इसके साथ ही वह वर्ष 2008-2009 में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 'प्रश्न एवं सन्दर्भ समिति' के सभापति भी रहे।

कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि 15 अक्टूबर 1946 को जनपद सोनभद्र के चॉची कलां (थाना-कोन) गांव में जन्मे जय प्रकाश चतुर्वेदी के पिता का नाम स्वर्गीय राम अधार चतुर्वेदी और माता का नाम स्वर्गीय राजवंशी देवी था। उन्होंने अपनी स्नातकोत्तर और बी.एड. तक की शिक्षा पूरी की थी। उनके परिवार में उनकी मालती देवी और एक पुत्री हैं। छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय श्री चतुर्वेदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से प्रेरित होकर सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हो गए थे। 1967 अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) से जुड़े। 1972 में संघ के नगर प्रचारक और जिला प्रचारक की जिम्मेदारी संभाली। 1992 में प्रयाग एवं गोरखपुर के विभाग प्रचारक का दायित्व निभाया। 1993 में 8 जनवरी से भारतीय जनता पार्टी में कई वर्षों तक संगठन मंत्री रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन