एटा की ऐतिहासिक काली शोभायात्रा की तैयारियां पूरी, तलवारबाजी और युद्ध कौशल दिखाएंगे 15 से 20 अखाड़े
मां काली के रौद्र स्वरूप के दर्शन को उमड़ेंगे हजारों श्रद्धालु, सुरक्षा के लिए मंडलों के साथ तैनात रहेगा पुलिस बल
एटा, 18 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में शारदीय नवरात्रि और दशहरा महोत्सव के अवसर पर निकलने वाली ऐतिहासिक काली शोभायात्रा के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। दशकों पुरानी इस परंपरा में मां काली के विभिन्न स्वरूपों के अखाड़े तलवारबाजी, युद्ध कौशल और असुर संहार के जीवंत प्रदर्शन के जरिए धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत करेंगे। शोभायात्रा में 15 से 20 अखाड़ों के शामिल होने की संभावना है। इसे देखने के लिए एटा सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
रामलीला कमेटी के तत्वावधान में निकलने वाली यह शोभायात्रा एटा के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। परंपरा के अनुसार, नवमी की सुबह शोभायात्रा में भाग लेने वाले अखाड़ों के कलाकार ठंडी सड़क स्थित काली मंदिर में अपने शस्त्रों और मुकुटों का पूजन करते हैं। इसके बाद शाम को रामलीला मैदान में पूजन के उपरांत विभिन्न मंडलों की शोभायात्राएं क्रमवार रवाना होती हैं।
शोभायात्रा के दौरान मां काली के स्वरूप धारण किए कलाकार तलवारों और अन्य पारंपरिक शस्त्रों के साथ युद्ध कौशल का प्रदर्शन करते हैं। असुरों के संहार और मां काली की विजय के प्रसंगों को मंचित करते हुए कलाकार दर्शकों के सामने पौराणिक दृश्यों को सजीव करते हैं। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता, राजा इंद्रदेव और वायुदेव सहित विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहती हैं।
एक मंडल में 20 से 25 कलाकार
शोभायात्रा में पिछले कई वर्षों से शामिल हो रहे प्रमोद कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि प्रत्येक मंडल में लगभग 20 से 25 कलाकार रहते हैं। इनमें एक समय में 10 से 12 कलाकार युद्ध कौशल का प्रदर्शन करते हैं, जबकि अन्य कलाकार वेशभूषा, साज-सज्जा और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाएं संभालते हैं। उन्होंने बताया कि माता मसानी महामंडल, जय मां भवानी काली मंडल, जय मां दुर्गा माता महाकाली मंडल, अग्रवाल महाकाली मंडल, जय महाकाली मंडल पुरानी बस्ती, बाहुबली हनुमान अखाड़ा और जय शीतला माता महाकाली मंडल सहित कई मंडल इसमें भाग लेते हैं।
शोभायात्रा रामलीला मैदान से शुरू होकर शिकोहाबाद रोड, हाथी गेट, घंटाघर बाजार, मेहता पार्क, ठंडी सड़क, लोकमान्य दास चौराहा, होली मोहल्ला और कैलाशगंज से होते हुए जीटी रोड के रास्ते वापस रामलीला मैदान पहुंचेगी। पूरे मार्ग पर ढोल-ताशों की गूंज और मां काली के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। देर रात तक लोग कलाकारों के करतब देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर खड़े रहते हैं।
सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात
अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय ने बताया कि शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरे जुलूस के साथ-साथ प्रत्येक काली मंडल के साथ भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए 18 अक्टूबर को शाम पांच बजे से 19 अक्टूबर रात एक बजे तक रूट डायवर्जन लागू रहेगा। इस दौरान कानपुर, अलीगढ़, फर्रुखाबाद, आगरा और शिकोहाबाद की ओर से आने वाले वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विवेक उपाध्याय