मातृ-शिशु की सुरक्षा को लेकर एरा की अनूठी पहल, मुफ्त में सभी प्रकार की डिलीवरी
लखनऊ, 21 मई (हि.स.)। एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में लगातार कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में मातृ-शिशु की सुरक्षा को लेकर एरा ने अनूठी पहल की है। मातृ एवं शिशु की मृत्यु दर पर लगाम लगाने के लिए एरा मेडिकल कालेज ने एराज शिशु मां सुरक्षा (एसएमएस) योजना शुरू की है। यह योजना जहां गरीब वर्ग को अस्पतालों के भरी भरकम खर्च से मुक्त करेगी, वहीं मातृ-शिशु को सुरक्षा की गारंटी प्रदान करेगी।
शिशु मां सुरक्षा (एसएमएस) योजना के तहत नार्मल डिलीवरी की तरह अब सिजेरियन डिलीवरी भी निशुल्क की जाएगी। मातृ एवं शिशु की दवा, जांच और खानपान भी मुफ्त होगा। यह लाभ महिला को तब तक प्राप्त होगा जब तक वो अस्पताल में भर्ती रहेगी। महिला को अस्पताल से छुट्टी के दिन उसके और उसके बच्चे के पौष्टिक आहार व पालन पोषण के लिए एरा मेडिकल कालेज की तरफ से प्रत्येक महिला को 2500 रुपये की आर्थिक सहायता तथा बेबी किट दी जाएगी। बेबी किट में बच्चे के पालन-पोषण से संबंधित आवश्यक सामग्री होगी। डिलेवरी नार्मल हो या ऑपरेशन से सभी महिलाओं को 2500 रुपये नकद और बेबी किट अस्पताल की तरफ से दी जाएगी। गौरतलब है कि एरा मेडिकल कालेज में सभी तरह की बीमारियों का इलाज और नार्मल डिलीवरी पहले से ही निशुल्क है।
अब भारी भरकम खर्च वाली सिजेरियन डिलीवरी भी मुफ्त में होगी। यह योजना सुरक्षित प्रसव को प्रोत्साहित करके मातृ एवं शिशु की मृत्यु दर कमी लाने और गरीब वर्ग को बेहतर उपचार देने की एरा मेडिकल कालेज की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसका लाभ गरीब और मध्यम सहित सभी वर्ग के परिवारों को प्राप्त होगा। इसके लिए किसी सरकारी योजना का लाभार्थी होना भी जरुरी नहीं है। कोई भी कही का परिवार इसका लाभ प्राप्त कर सकता है।
एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख डॉक्टर एसपी जयसवार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नारी सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के मिशन के क्रम में एरा लखनऊ मेडिकल कालेज ने यह अनूठी पहल की है। इस तरह की योजना पहली बार किसी निजी मेडिकल कालेज या अस्पताल द्वारा संचालित की गयी है, क्योंकि एरा मेडिकल कालेज ने हमेशा सेवा भाव को महत्व दी है। हमारा मकसद मातृ-शिशु की सुरक्षा और इनकी मृत्यु दर में कमी लाना है। इस योजना से खासतौर पर गरीब और असहाय वर्ग अस्पताल में उपचार के प्रति आकर्षित होगा, क्योंकि जब उसे पता होगा कि अस्पताल में सभी तरह की सुविधा फ्री है तो वह किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेगा। यही हमारा मकसद भी है। हम चाहते हैं कि लोग अपनी आर्थिक मजबूरी को दरकिनार कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वस्थ और सुरक्षित भारत के लक्ष्य में अपना योगदान दें।
नारी सुरक्षित रहेगी तो वह स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ेगी और शिशु स्वस्थ रहेगा तो देश का भविष्य उज्जवल होगा। डॉक्टर एसपी जयसवार ने बताया कि एरा मेडिकल कालेज में सभी तरह की बीमारियों का इलाज और सभी सुविधाओं के साथ नार्मल डिलीवरी की व्यवस्था पहले से ही निशुल्क है। अब सिजेरियन डिलीवरी भी फ्री कर दी गयी है। दोनों तरह की डिलीवरी में परामर्श, दवाइयां, जांच और भोजन सहित सभी सुविधा निशुल्क रहेगी। नार्मल या ऑपरेशन से होने वाली डिलीवरी में 2500 रुपये की आर्थिक सहायता और बेबी किट भी प्रदान की जाएगी। अस्पताल में भर्ती से लेकर डिस्चार्ज तक मरीज का एक पैसा खर्च नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अक्सर देखा गया है कि अस्पतालों के भारी भरकम खर्च के डर से गंभीर और असामान्य परिस्थितियों में भी गर्भवती महिलाएं अस्पताल जाने से परहेज करती है, नतीजन इसका परिणाम खतरनाक साबित होता है। जब अस्पताल में सभी सुविधा निशुल्क मिल रही है तो असामान्य परिस्थितियों के अलावा सामान्य गर्भवती महिला भी अस्पताल की तरफ रुख करेगी, जो मां और शिशु स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा। इस योजना से निश्चित तौर मातृ एवं शिशु की मृत्यु दर में भारी कमी जाएगी। उन्होंने इस योजना के लागू करने के लिए एरा विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय