वायु गुणवत्ता सुधार के लिए सरकारी भवनों पर लगाए जाएंगे एनवायरमेंट सेंसर : अर्पित उपाध्याय
कानपुर, 25 जून (हि.स.)। वायु गुणवत्ता प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने और डेटा आधारित शहरी प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए शहर के विभिन्न सरकारी भवनों एवं संस्थानों पर एनवायरमेंट सेंसर स्थापित किए जाएंगे। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विभाग बेहतर निर्णय ले सकेंगे। यह बातें गुरुवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कहीं।
नगर निगम मुख्यालय में आज नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, आईआईटी कानपुर के प्रो. निशिथ श्रीवास्तव, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कानपुर स्मार्ट सिटी और ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन (एआरएफ) की टीम के सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में मण्डलायुक्त की पहल पर कानपुर स्मार्ट सिटी और आईआईटी कानपुर की ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन के बीच हुए एमओयू के तहत शहर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन और डेटा आधारित अर्बन गवर्नेंस को मजबूत बनाने की योजना पर चर्चा की गई। इसके अंतर्गत सरकारी संस्थानों, विद्यालयों और अन्य भवनों पर एन्वायरमेंट सेंसर स्थापित किए जाएंगे।
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम के प्रयासों से स्वच्छता सर्वेक्षण में कानपुर को पांचवीं रैंक प्राप्त हुई है। उन्होंने सभी विभागों से इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग करने का आग्रह किया। नगर निगम को इस कार्य के लिए नोडल विभाग बनाया गया है।
बैठक में ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन की ओर से इंटेलिजेंट डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (आईडीएसएस) और एनवायरमेंट सेंसर तकनीक का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि सेंसर से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर संबंधित विभाग विभिन्न सुधारात्मक कदम उठा सकेंगे।
प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि सेंसर बिजली, बैटरी और सोलर पैनल से संचालित होंगे। नगर आयुक्त ने मुख्य विकास अधिकारी से परियोजना के क्रियान्वयन में सभी विभागों के समन्वय और सहयोग सुनिश्चित कराने को कहा।
बैठक में आईसीसीसी परियोजना के तहत तकनीकी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई। इसमें सड़कों के गड्ढों, कूड़े के ढेर, आवारा पशुओं, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों और अवैध होर्डिंग की पहचान संबंधी तकनीकी प्रस्तुतीकरण भी दिया गया, जिस पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप