फरियादियों की समस्याएं सुन डीएम ने संबंधित अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
गोरखपुर, 07 सितंबर (हि.स.)। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सोमवार को अपने कार्यालय में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने राजस्व, भूमि विवाद, पुलिस, विकास, नगर निकाय, विद्युत, आवास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। डीएम ने फरियादियों की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान कई फरियादियों ने अपनी समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र जिलाधिकारी को सौंपे। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारी से फोन पर बात की और शिकायत के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों की जांच मौके पर कराकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
डीएम दीपक मीणा ने अधिकारियों से कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी फरियादी की समस्या को लंबित रखने के बजाय उसकी शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच कर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जिन मामलों में मौके पर जांच की आवश्यकता है, वहां संबंधित अधिकारी या कर्मचारी स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का सत्यापन करें। भूमि एवं राजस्व से जुड़े मामलों में अभिलेखों की जांच के साथ ही संबंधित पक्षों की बात सुनकर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। इसी प्रकार पुलिस से संबंधित शिकायतों में भी संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आमजन को बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना है। फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनना और उनका उचित समाधान कराना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और ऐसी कार्रवाई न की जाए जिससे शिकायतकर्ता को दोबारा उसी समस्या को लेकर अधिकारियों के समक्ष आना पड़े।
जनसुनवाई के दौरान डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। साथ ही, जिन मामलों में किसी अन्य विभाग से समन्वय की आवश्यकता है, वहां संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान कराएं।
जिलाधिकारी ने फरियादियों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए जिला प्रशासन लगातार प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय