भागवत कथा के छठवें दिन श्रीकृष्ण विवाह का भावपूर्ण वर्णन

 




जौनपुर,29 अप्रैल (हि. स.)। यूपी के जौनपुर में बीआरपी इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन मंगलवार को कथावाचक शिवानंद भाई महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और विस्तृत वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।कथावाचक ने विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण के जामवंत की पुत्री जामवंती से विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने जामवंत और श्रीकृष्ण के बीच हुए युद्ध तथा उसके पश्चात जामवंत द्वारा अपनी पुत्री का विवाह श्रीकृष्ण से कराने की कथा को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया। इस प्रसंग के माध्यम से भक्ति, समर्पण और धर्म के महत्व को सुंदर ढंग से समझाया गया। साथ ही श्रीकृष्ण की अन्य रानियों के साथ विवाह की कथाएं भी सुनाई गईं, जिसने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव में डुबो दिया।इसके अतिरिक्त कथा में जनकपुर की एक रोचक घटना का भी उल्लेख किया गया। कथावाचक ने बताया कि एक कार्यक्रम के दौरान बंदरों के कारण कुछ समय के लिए व्यवधान उत्पन्न हो गया था। तब राजा जनक ने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की, जिसके पश्चात उनकी कृपा से स्थिति सामान्य हो गई और कार्यक्रम पुनः सुचारु रूप से आरंभ हो सका।कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भजन-कीर्तन और भगवान के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति की।कार्यक्रम के अंत में विधिवत आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। आयोजकों ने बताया आज बुधवार को भगवान की शादी के उपरांत फूलों की होली खेली जाएगी।जिसमें भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम के अन्य प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव