उत्तर मध्य रेलवे के आठ अमृत स्टेशन बनेंगे विरासत और आधुनिकता की नई पहचान : डॉ. शिवम शर्मा

 


कानपुर, 15 जुलाई (हि.स.)। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए गए स्टेशन यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने के साथ स्थानीय संस्कृति और विरासत को भी नई पहचान प्रदान कर रहे हैं। यह जानकारी बुधवार को उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने दी।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में रेलवे स्टेशनों के चरणबद्ध पुनर्विकास की कड़ी में 17 जुलाई को 75 और पुनर्विकसित स्टेशन राष्ट्र को समर्पित किए जाएंगे। इनमें उत्तर मध्य रेलवे के आठ स्टेशन भी शामिल हैं। इन स्टेशनों का पुनर्विकास आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ स्थानीय सांस्कृतिक पहचान और क्षेत्रीय विरासत को ध्यान में रखकर किया गया है।

दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग के प्रमुख स्टेशनों में शामिल फतेहपुर रेलवे स्टेशन का लगभग तैतीस करोड़ दस लाख रुपये की लागत से कायाकल्प किया गया है। यहां नया स्टेशन भवन, दूसरा प्रवेश द्वार, विस्तृत पार्किंग, 12 मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज और आधुनिक यात्री सुविधाएं विकसित की गई हैं।

पनकी धाम रेलवे स्टेशन को लगभग उनतीस करोड़ चौरानवे लाख रुपये की लागत से नया स्वरूप दिया गया है। चौड़े प्लेटफॉर्म, आधुनिक प्रतीक्षालय, लिफ्ट, नए फुटओवर ब्रिज और बेहतर सर्कुलेटिंग एरिया जैसी सुविधाएं श्रद्धालुओं और औद्योगिक क्षेत्र के यात्रियों की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाएंगी।

मां विंध्यवासिनी धाम के प्रवेश द्वार के रूप में प्रसिद्ध विन्ध्याचल स्टेशन का तेईस करोड़ चौबीस लाख की लागत से पुनर्विकास किया गया है। वहीं राजस्थान के डीग स्टेशन, चंबल क्षेत्र के भिण्ड स्टेशन, बुंदेलखंड के महाराजा छत्रसाल स्टेशन छतरपुर, टीकमगढ़ और हरपालपुर रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक सुविधाओं, दिव्यांगजन-अनुकूल व्यवस्था, नए स्टेशन भवन, फुटओवर ब्रिज, लिफ्ट, पार्किंग और आकर्षक फसाड के साथ विकसित किया गया है।

इन सभी स्टेशनों के पुनर्विकास का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे को मजबूत करना नहीं, बल्कि स्थानीय स्थापत्य, सांस्कृतिक विरासत और यात्रियों की आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित करना भी है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ये स्टेशन पर्यटन, व्यापार, क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देंगे।

डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित ये स्टेशन भारतीय रेलवे के बदलते स्वरूप का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय पहचान को संरक्षित रखते हुए रेलवे देश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप