शिक्षा और स्वरोजगार से समाज होगा सशक्त : नवनीत वर्मा
कानपुर, 28 जून (हि.स.)। अभिभावक बच्चों को शिक्षित करें और उन्हें नौकरी के साथ-साथ व्यवसाय के लिए भी प्रेरित करें। इससे समाज की प्रगति होगी और देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। यह बातें रविवार को मुख्य अतिथि एवं लेबर कमिश्नर नवनीत वर्मा ने राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज जयंती पर आयोजित कुर्मी परिवार समागम के विचार गोष्ठी एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में कहीं।
विश्व बैंक, बर्रा स्थित स्मृति पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। कुर्मी परिवार समागम के संयोजक आशीष सचान ने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज को संगठित करना और जरूरतमंद लोगों को आर्थिक व सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
विचार गोष्ठी में एचबीटीयू के प्रोफेसर डॉ. बृजेश कटियार ने राजर्षि शाहूजी महाराज के जीवन और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने अपने शासनकाल में निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा लागू की, गांव-गांव प्राथमिक विद्यालय खुलवाए तथा महिलाओं को संपत्ति का अधिकार दिलाने जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 1919 में फूलबाग में आयोजित अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय समाज के सम्मेलन में शाहूजी महाराज को 'राजर्षि' की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
समारोह में निकिता सचान, अनुराग सचान, पार्थिवी सचान, बेदांश सचान, तनु हरि, प्रतिष्ठा सचान, रोहित सचान, अनन्या सचान, कुणाल पटेल, आर्यन उमराव, रवीश कटियार, अदिति सिंह, प्रिंस, प्राप्ति सचान, कुशाग्र सचान, सृष्टि सिंह और याशी सचान सहित अनेक मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। संस्कार शाला के शशैलेंद्र सचान ने सभी सम्मानित प्रतिभाओं को एक-एक पौधा भी भेंट किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी सुदामा प्रसाद 'अकेला' ने की। अतिथियों का स्वागत अरविंद सिंह सचान, बृजेंद्र स्वरूप, अनुक्रम सिंह, क्रांति कटियार और अंजनी वर्मा ने किया। संचालन अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. अनूप सचान सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप