दुधवा जाने वाले पर्यटक इको टूरिज्म के साथ ले सकेंगे वेलनेस का मजा

 


-पर्यटन के साथ इको-वेलनेस सेक्टर को बढ़ावा, यूपी बना रहा समग्र टूरिज्म मॉडल - जयवीर सिंह

लखनऊ, 26 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का शारदा बैराज अब पर्यटन मानचित्र पर बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (यूपीईटीडीबी) यहां 2.67 एकड़ क्षेत्र में निजी सहभागिता से टेंट सिटी विकसित करने जा रहा है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। सरकार की योजना प्रकृति की गोद में बसे इस खूबसूरत स्थल को 'एकोमोडेशन एंड वेलनेस टूरिज्म डेस्टिनेशन' के रूप में विकसित कर पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनाने की है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'लखीमपुर खीरी स्थित शारदा बैराज को जल्द ही एक प्रमुख पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तहसील सदर ग्राम कोठिया के निकट करीब 2.67 एकड़ भूमि पर आकर्षक टेंट सिटी विकसित की जाएगी, जो पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगी। दुधवा नेशनल पार्क के करीब स्थित इस जगह को आधुनिक वेलनेस सुविधाओं से जोड़ने की योजना है, ताकि यहां आने वाले सैलानी प्राकृतिक सौंदर्य के बीच बेहतर स्वास्थ्य और शांत वातावरण का अनूठा अनुभव प्राप्त कर सकें। सरकार की इस पहल से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।'

अधिकारियों के मुताबिक, यह क्षेत्र दुधवा नेशनल पार्क और कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य के मध्य स्थित है। इससे इसकी पर्यटन संभावनाएं और बढ़ जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड ग्राम कोठिया में टेंट सिटी विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि यहां आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के बीच ठहरने का अनूठा अनुभव मिल सके। बोर्ड का प्रयास इस खूबसूरत स्थल को 'एकोमोडेशन एंड वेलनेस टूरिज्म डेस्टिनेशन' के रूप में विकसित करना है।

उप्र. ईको टूरिज्म विकास बोर्ड द्वारा निजी सहभागिता से टेंट सिटी विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। निविदा जमा करने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल 2026 शाम 06:00 बजे तक है। इच्छुक आवेदनकर्ता विशेष जानकारी के लिए upetdb@gmail पर संपर्क कर सकते हैं या www.upecoboard.up.gov.in/en/tenders पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'वर्तमान तेज रफ्तार जिंदगी में लोग फिर से प्रकृति, आयुर्वेद और वेलनेस आधारित जीवन शैली की ओर लौट रहे हैं। इसी बदलते रुझान को देखते हुए उत्तर प्रदेश में एक सुदृढ़ 'एकोमोडेशन एंड वेलनेस टूरिज्म डेस्टिनेशन' के रूप में विकसित करना समय की मांग बन चुका है। हमारा उद्देश्य राज्य के प्रमुख प्राकृतिक स्थलों को आधुनिक वेलनेस सुविधाओं से जोड़कर ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां पर्यटकों को बेहतर स्वास्थ्य, शांति और प्रकृति के बीच विशिष्ट अनुभव, सब कुछ एक ही जगह मिल सके।'

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन