शिक्षा प्रणाली को ‘सिस्टम केंद्रित’ से ‘शिक्षक केंद्रित’ बनाने की आवश्यकता : प्रो योगेन्द्र प्रताप सिंह
--यूइंग क्रिश्चियन महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन
प्रयागराज, 11 अप्रैल (हि.स)। यूइंग क्रिश्चियन महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन सत्र के मुख्य अतिथि जी.बी. पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली को ‘सिस्टम केंद्रित’ से ‘शिक्षक केंद्रित’ बनाने की आवश्यकता है।
शनिवार को समापन अवसर पर उन्होंने सामाजिक उत्तरदायित्व के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए इस बात पर भी बल दिया कि मनुष्य को केवल आर्थिक प्राणी नहीं, बल्कि एक सामाजिक प्राणी के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्या डॉ. जी.एस. जमन ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा को समावेशी, समानतापूर्ण और परिवर्तनकारी बनाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी विचार करने का आह्वान किया कि क्या आज भी भारत की नियति हमारे कक्षाओं में ही निर्मित हो रही है।
तकनीकी सत्र की अध्यक्षता इलाहाबाद विश्वविद्यालय शिक्षा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सरोज यादव तथा सह अध्यक्षता डॉ. सुरेन्द्र कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, कॉलेज ऑफ एजुकेशन, राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने की।
महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि संगोष्ठी में देश के लगभग सात राज्यों से आए प्रतिभागियों द्वारा लगभग 14 शोधपत्र प्रस्तुत किए गए। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. जस्टिन पी. सहाय ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा संगोष्ठी की आधिकारिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। डॉ. आशीष सैमुअल हूरी ने अतिथियों का सम्मान किया एवं औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र