सीमित संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग से ही बचेगी धरती : प्रो. चेतन सिंह सोलंकी

 


उन्नाव, 20 मई (हि.स.)। आज पूरी मानवता पृथ्वी के संसाधनों का अत्यधिक दोहन कर रही है। दुनिया हर वर्ष 1.8 पृथ्वी के बराबर संसाधनों का उपभोग कर रही है, जबकि हमारे पास केवल एक पृथ्वी है। ऐसे में यदि समय रहते जीवनशैली नहीं बदली गई तो आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। इसलिए हमारी जरूरतें और संसाधनों का उपयोग भी जिम्मेदारीपूर्ण और सीमित होना चाहिए।” यह बातें बुधवार को ‘सोलर मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर प्रो. चेतन सिंह सोलंकी ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में आयोजित ‘क्लाइमेट सत्याग्रह: फ्रॉम अवेयरनेस टू एक्शन’ कार्यक्रम में कहीं।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ रजिस्ट्रार डॉ. हर्षल शाह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद प्रो. सोलंकी ने जलवायु संकट, सीमित संसाधनों और सतत जीवनशैली पर विस्तार से अपने विचार रखे।

प्रो. सोलंकी ने कहा कि आज पूरी मानवता पृथ्वी के संसाधनों का अत्यधिक दोहन कर रही है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि क्या वास्तव में उसे किसी वस्तु की आवश्यकता है या वह केवल खरीदने की क्षमता होने के कारण उसे खरीद रहा है। उन्होंने कहा कि ‘सीमित धरती, सीमित उपभोग’ ही भविष्य को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी रास्ता है।

उन्होंने अपनी ‘एनर्जी स्वराज यात्रा’ की जानकारी साझा करते हुए बताया कि नवंबर 2020 से वह 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा से संचालित बस में पूरे देश की यात्रा कर रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में वह 80 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुके हैं और 1800 से अधिक व्याख्यान देकर लाखों लोगों को जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक कर चुके हैं।

प्रो. सोलंकी ने बताया कि वर्तमान में उनकी ‘100 दिवसीय भारत क्लाइमेट सत्याग्रह यात्रा’ 13 मई से 20 अगस्त 2026 तक देश के 51 शहरों को जोड़ रही है। इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को सतत जीवनशैली अपनाने और ‘फिनाइट लिविंग प्लेज’ से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति एक वर्ष तक नए कपड़े नहीं खरीदने का संकल्प लेता है तो इससे लगभग 20 हजार लीटर पानी और 50 किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन की बचत की जा सकती है।

कार्यक्रम में आयोजित ‘क्लाइमेट प्लेज सेरेमनी’ के दौरान छात्रों ने सामूहिक रूप से सतत जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने अगले एक वर्ष तक नए कपड़े नहीं खरीदने का वादा किया। छात्रों ने सौर ऊर्जा, नवीकरणीय तकनीक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर प्रो. सोलंकी से सवाल भी पूछे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप