उत्तर प्रदेश में समय पर वाहनों की फिटनेस, बीमा न होने पर होगा ई-चालान : दयाशंकर सिंह

 


लखनऊ, 15 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने निर्देश दिये है कि उ0प्र0 परिवहन विभाग भी भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) द्वारा जारी ई-डिटेक्शन प्रणाली को अपने यहां लागू करेगा। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली सड़कों पर बिना उचित अनुपालन के चलने वाले वाहनों की पहचान कर उनके विरुद्ध स्वचालित रूप से ई-चालान जारी करने में सक्षम है।

परिवहन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने इस राष्ट्रीय पहल के अनुरूप प्रदेश में ई-डिटेक्शन मॉड्यूल लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। जिसके क्रम में एनआईसी, लखनऊ को ई-डिटेक्शन मॉडूल पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में लखनऊ जनपद इटौंजा टोल प्लाजा एवं बाराबंकी जनपद-अहमदपुर टोल प्लाजा में लाइव किये जाने हेतु निर्देश दिए गए हैं। प्रथम चरण के पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के उपरांत इस योजना को पूरे उत्तर प्रदेश में चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा।

परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रथम चरण में परिवहन यान के अंतर्गत आने वाले वाहनों की फिटनेस, बीमा, पीयूसीसी (प्रदूषण अवमुक्त प्रमाण-पत्र), एचएसआरपी, पंजीयन प्रमाण-पत्र की जांच की जायेगी। गैर परिवहन यान के अंतर्गत वाहनों की वैधता एवं वाहन के अप्रयोग (नान यूज), गैर-परिवहन यान बीमा, पीयूसीसी, पंजीयन प्रमाण-पत्र वैधता एवं एचएसआरपी। परिवहन मंत्री ने बताया कि ई-डिटेक्शन प्रणाली से टोल प्लाजा से गुजरने वाले नियम उल्लंघनकर्ता वाहनों का स्वचालित पता लगाकर ई-चालान जारी होगा।

इससे परिवहन प्रवर्तन कार्यवाही में तेजी आएगी, वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन एवं जागरूकता बढ़ेगी, फिटनेस, बीमा, पीयूसीसी (प्रदूषण अवमुक्त प्रमाण-पत्र), एचएसआरपी, पंजीयन प्रमाण-पत्र वैधता के बिना संचालित वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही पारदर्शी एवं निष्पक्ष प्रवर्तन प्रणाली लागू होगी।

परिवहन मंत्री ने बताया कि यह प्रणाली प्रदेश में सुशासन एवं स्मार्ट प्रवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने समस्त वाहन चालकों/स्वामियों से अपील है कि वे अपने वाहनों की फिटनेस, बीमा, पीयूसीसी एवं अन्य अनुज्ञापत्र समय पर नवीनीकृत कराएं।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन