अभियान के तहत 18 बाल एवं किशोर श्रमिक कराए गए मुक्त
बाल श्रम कराने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
हमीरपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले मे जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देशानुसार जनपद में बाल श्रम उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुरुवार को राठ कस्बे में व्यापक संयुक्त प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर डेढ़ दर्जन बाल एवं किशोर श्रमिकों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया, साथ ही संबंधित सेवायोजकों को विधिक प्रावधानों की जानकारी देते हुए आवश्यक कार्रवाई की गई।
प्रभारी श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने गुरुवार को शाम बताया कि 31 अगस्त, 2026 तक जनपद में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य खतरनाक एवं गैर-खतरनाक व्यवसायों में कार्यरत बाल एवं किशोर श्रमिकों की पहचान, उन्हें श्रम से मुक्त कराना तथा उनके पुनर्वास की कार्रवाई सुनिश्चित करना है। संयुक्त टीम ने राठ बाजार क्षेत्र में संचालित ढाबों, रेस्टोरेंट, होटल, मिठाई की दुकानों, कैटरिंग प्रतिष्ठानों, शादी समारोहों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सेवायोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी परिस्थिति में बाल श्रमिकों से कार्य न कराया जाए। उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिनियमों के तहत 20 हजार रुपये से 70 हजार रुपये तक के जुर्माने तथा 6 माह से 2 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।अभियान के दौरान व्यापारियों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को बाल श्रम उन्मूलन, बच्चों के अधिकारों तथा पुनर्वास संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूक भी किया गया। साथ ही श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए तथा उल्लंघन की स्थिति में न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के अंतर्गत कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई।इस अभियान में सीडब्ल्यूसी सदस्य विमा भारती, श्रम प्रवर्तन अधिकारी डी.पी. अय्यर, जिला समन्वयक चाइल्ड लाइन विजयपाल सोनकर, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना प्रभारी राकेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने जनपद के सभी प्रतिष्ठान संचालकों से बाल श्रम उन्मूलन अभियान में सहयोग करने तथा किसी भी नाबालिग से श्रम न कराने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा