शोषितों, वंचितों और उपेक्षितों के महानायक थे डा. रत्नप्पा कुम्हार : राज्यमंत्री
जौनपुर, 15 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में नगर के एक होटल में मंगलवार को प्रजापति समाज जौनपुर (रजि.) के तत्वावधान में स्वतंत्रता सेनानी, पद्मश्री से सम्मानित एवं संविधान निर्माण में योगदान देने वाले डा. रत्नप्पा भरमप्पा कुम्हार की जयंती मनाई गई। समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति, नेत्र सर्जन डा. आरके चक्रवर्ती और नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्या ने डा. रत्नप्पा कुम्हार के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
राज्यमंत्री ने कहा कि डा. रत्नप्पा कुम्हार शोषित, वंचित और उपेक्षित समाज के महानायक थे। उन्होंने डा. बीआर आंबेडकर के साथ संविधान के अंतिम मसौदे पर हस्ताक्षर किए थे, जो प्रजापति समाज के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि समाज को उनके दिखाए मार्ग पर चलकर आगे बढ़ना चाहिए। राज्यमंत्री ने जनपद मुख्यालय पर शीघ्र डा. रत्नप्पा कुम्हार की प्रतिमा स्थापित कराने का आश्वासन दिया।
समारोह में वक्ताओं ने उनके जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। इस दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं तथा समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को प्रतिभा सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राहुल प्रजापति ने की। संचालन डा. महेंद्र प्रजापति और डा. डीके प्रजापति ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग और महिलाएं मौजूद रहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव