फार्मर रजिस्टर कार्य सरकार की प्राथमिकता, तेजी से कराए कार्य : जिलाधिकारी
गोरखपुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद में किसानों के पंजीकरण (फार्मर रजिस्टर) की प्रक्रिया को प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों के रजिस्ट्रेशन की प्रगति, समस्याओं तथा उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि फार्मर रजिस्टर का कार्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसे समयबद्ध और त्रुटिरहित तरीके से पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक पात्र किसान का पंजीकरण सुनिश्चित होना चाहिए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम स्तर पर लेखपालों के माध्यम से किसानों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन के दौरान किसानों के नाम, भूमि विवरण एवं अन्य आवश्यक जानकारियों का सही-सही अंकन होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की विसंगति न उत्पन्न हो।
डीएम ने यह भी कहा कि तकनीकी समस्याओं को तत्काल दूर करने के लिए संबंधित विभाग समन्वय स्थापित करें। यदि कहीं नेटवर्क या पोर्टल संबंधी दिक्कतें आ रही हैं तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव-गांव जाकर कैंप लगाकर भी किसानों का पंजीकरण कराया जाए, जिससे कोई भी किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि किसानों को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। ग्राम प्रधानों, सचिवों एवं अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों के माध्यम से किसानों को फार्मर रजिस्टर के महत्व के बारे में बताया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान स्वयं आगे आकर पंजीकरण कराएं।
डीएम दीपक मीणा ने कहा कि फार्मर रजिस्टर के माध्यम से सरकार किसानों का एक सटीक डाटा बेस तैयार कर रही है, जिससे भविष्य में योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तेजी आएगी। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ इस कार्य को संपन्न करें।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा के माध्यम से प्रगति पर नजर रखी जाएगी और आवश्यकतानुसार सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
बैठक के दौरान एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) रामेंद्र प्रताप सिंह तथा जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) निलेश सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों से उनके-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट ली गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय