संभावित बाढ़-2026: डीएम ने दिए सख्त निर्देश, बोले- 'जीरो कैजुअल्टी' के साथ हों तैयारियां

 


बाराबंकी, 17 जुलाई (हि.स.)। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संभावित बाढ़-2026 की तैयारियों को लेकर आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूरी की जाएं। डीएम ने साफ कहा कि जनपद की बाढ़ तैयारियों का एकमात्र लक्ष्य 'जीरो कैजुअल्टी' होना चाहिए।

बैठक में बताया गया कि बाढ़ से निपटने के लिए जिले में 22 मॉडल शरणालय/राहत शिविर और 10 बाढ़ चौकियां प्रस्तावित हैं। इसमें रामसनेहीघाट तहसील में 6 शिविर व 3 चौकियां, रामनगर में 9 शिविर व 3 चौकियां और सिरौलीगौसपुर में 07 शिविर व 04 चौकियां स्थापित होंगी।

डीएम ने निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थलों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की जाए। साथ ही बाढ़ के दौरान चलने वाली हर नाव पर पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट उपलब्ध रहें। उन्होंने सिंचाई विभाग को नदी किनारे सभी तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण कर मरम्मत और सुदृढ़ीकरण समय से कराने को कहा।जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में ग्राम चौपाल लगाकर लोगों को बचाव और राहत की जानकारी दी जाए। बाढ़ आने से पहले ही प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे पूरा कर लिया जाए, ताकि नुकसान होने पर किसानों को तुरंत मुआवजा मिल सके। कटान वाले गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।डीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों के सभी हैंडपंप रीबोर कराकर चालू रखे जाएं ताकि पेयजल संकट न हो। स्वास्थ्य विभाग को वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम, जरूरी दवाओं और टीकाकरण की तैयारी रखने को कहा। पशुपालन विभाग को पशुओं के इलाज, टीकाकरण और चारे का इंतजाम करने के निर्देश दिए।सर्पदंश से होने वाली मौतों पर डीएम ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सर्पदंश होने पर पीड़ित को बिना देरी निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। झाड़-फूंक जैसी अवैज्ञानिक पद्धतियों से बचें। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त एंटी वेनम किट रखने और पूरा इलाज होने के बाद ही मरीज को छुट्टी देने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को इसको लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया।

डीएम ने सभी विभागों को शासन की एसओपी का अक्षरशः पालन करने को कहा। आपात स्थिति के लिए सभी संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी